भिलाई नगर, 31 मई। नौतपा में आसमान से आग बरसने का सिलसिला जारी है। जहां लोगों को रात में बेहाल कर देने वाली उमस झेलनी पड़ रही है वहीं दिन की भीषण गर्मी में बच्चे, बूढ़े, जवान हर आयु वर्ग के लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है। गर्मी की चपेट में आकर बीमार पड़े लोगों की अस्पताल में दस्तक लगातार बढ़ने लगी है। बैकुंठ धाम स्वास्थ्य केंद्र से लेकर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल सुपेला में गर्मी से बीमार हुए पांच दर्जन से अधिक लोग 24 घंटे के भीतर पहुंचे हैं।
आपको बता दें कि भीषण गर्मी के प्रकोप से पस्त हुए लोगों में पांच वर्ष के 15 बच्चे भी शामिल हैं। सुपेला लाल बहादुर शास्त्री शासकीय अस्पताल के प्रभारी डॉ. पियम सिंह ने बताया कि अमूमन सभी लोगों को उल्टी-दस्त के साथ तेज बुखार के कारण भर्ती करना पड़ा है। कुछ लोग बुखार के साथ उल्टी से पस्त होने के कारण भर्ती हैं वहीं कुछ लोगों को ओपीडी स्तर पर दवा और ओआरएस घोल देकर घर भेजा गया है। ज्यादा परेशानी वालों को भर्ती कर फ्ल्यूड लगाया गया है। वैसे फौरी इलाज शुरू होने से सभी को राहत मिल गई है। इस भीषण गर्मी से बचाव के लिए डॉ. सिंह ने हर व्यक्ति को खुद को हाइड्रेट रखने अर्थात ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेकर पानी की कमी शरीर में नहीं होने देने की सलाह दी है।
डॉ. पियम सिंह प्रभारी सुपेला शासकीय अस्पताल ने चेतावनी भी दी है कि खुद को हाइड्रेट रखने का मतलब यह नहीं कि जहां-तहां खुले में बिकने वाले ठंडा तरल पदार्थ का सेवन करें क्योंकि वह बैक्टीरिया युक्त होने पर उल्टी-दस्त की परेशानी और बढ़ सकती है।
गौरतलब हो कि लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में कल कुल 367 मरीजों ने पंजीकरण कराया है। अलग-अलग ओपीडी में 57 गर्मी की वजह उल्टी-दस्त व अन्य परेशानियों से पीड़ित मिले हैं। जबसे नौतपा लगा है, गर्मी की वजह से बीमार होने वालों की संख्या बढ़ गई है। सबमें पानी की कमी मिल रही है, इससे बचने का एकमात्र उपाय सिर्फ खुद को हाइड्रेट रखना होता है।
नौतपा की तपिश से भिलाई में हाल-बेहाल 🟠 पांच दर्जन से ज्यादा बीमार पहुंचे सुपेला अस्पताल 🟢 5 वर्ष के 15 बच्चे भी शामिल

