सीजी न्यूज ऑनलाइन 13 मार्च 2026। बहुचर्चित बैंक गबन मामले में State Economic Offences Investigation Bureau और Anti Corruption Bureau ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय रायपुर में 2.78 करोड़ रुपये के गबन प्रकरण में 1290 पेज का चालान पेश किया है। यह मामला State Bank of India की स्पेशलाइज्ड करेंसी एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (SCAB), बैरन बाजार रायपुर से जुड़ा है।
जांच एजेंसियों ने अपराध क्रमांक 67/2025 में आरोपी Vijay Kumar Ahke, तत्कालीन मुख्य शाखा प्रबंधक, SCAB एसबीआई बैरन बाजार रायपुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र दाखिल किया। फिलहाल आरोपी केंद्रीय जेल रायपुर में न्यायिक हिरासत में है।
जांच में सामने आया कि विजय कुमार अहके ने 28 अगस्त 2024 से 11 जून 2025 के बीच अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कंप्यूटर के माध्यम से कूटरचित क्यू (वाउचर) तैयार किए और शाखा के ब्रांच जनरल लेजर (BGL) खाते से शासकीय धन का गबन किया।
आरोपी ने बैच मोड प्रक्रिया का इस्तेमाल कर प्रत्येक लेनदेन की राशि 5 लाख रुपये से कम रखी, ताकि बैंक के हाई वैल्यू ट्रांसफर अलर्ट सिस्टम से बचा जा सके। साथ ही 30 दिन के भीतर BGL खाते की पुरानी प्रविष्टियों को रोलओवर कर नई प्रविष्टियों में बदल दिया जाता था, जिससे अधिकारियों को वास्तविक वित्तीय स्थिति की जानकारी नहीं हो पाती थी।
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी ने 75 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से गबन की राशि अपनी पत्नी के बैंक खाते में ट्रांसफर की। उस खाते में आरोपी का मोबाइल नंबर लिंक था, जिससे सभी OTP उसी को प्राप्त होते थे। बाद में नेट बैंकिंग के जरिए यह रकम अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर क्रिप्टोकरेंसी, कमोडिटी और ऑप्शन ट्रेडिंग में निवेश की गई।
इस पूरी हेराफेरी से एसबीआई की SCAB शाखा को कुल 2,78,25,491.96 रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
जांच एजेंसियों ने डिजिटल साक्ष्य, जब्त दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, सर्वर से प्राप्त लेनदेन रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की है। अब मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय रायपुर में होगी।

