*छोटे-बडे़ बैलेट पेपर और रस्सी से बँधी दिखी मतपेटियाँ, कोई सुनने को तैयार नहीं-मुर्गेश सोनी, भाजपा प्रत्याशियों में मतगणना को ले असंतोष बरकरार*

*छोटे-बडे़ बैलेट पेपर और रस्सी से बँधी दिखी मतपेटियाँ, कोई सुनने को तैयार नहीं-मुर्गेश सोनी, भाजपा प्रत्याशियों में मतगणना को ले असंतोष बरकरार*


छोटे-बडे़ बैलेट पेपर और रस्सी से बँधी दिखी मतपेटियाँ, कोई सुनने को तैयार नहीं-मुर्गेश सोनी, भाजपा प्रत्याशियों में मतगणना को ले असंतोष बरकरार

भिलाई नगर, 25 दिसंबर।  नगर पालिका निगम भिलाई में मतगणना को लेकर भारतीय जनता पार्टी में जमकर रोष देखा जा रहा है। कल सांसद विजय बघेल का इस मुद्दे की शिकायत स्वरूप कलेक्टोरेट में धरना देने के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक विद्यारतन भसीन की मौजूदगी में अनेक पराजित प्रत्याशियों ने मतगणना के दौरान कांग्रेस के इशारे पर संबंधित अधिकारियों की मनमानी और धाँधली का पत्रवार्ता में खुला विरोध जताया गया है। इससे पूर्व भी भाजपा प्रत्याशी पीयूष मिश्रा ने पुलिस प्रशासन पर राज्य सरकार की शह पर कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाए जाने की चुनाव आयोग से शिकायत की गयी थी। 

कल ही वार्ड-37 संत रविदास नगर से भाजपा प्रत्याशी मुर्गेश सोनी ने भी मतदान पश्चात और मतगणना तक जम कर धाँधली होने का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि उनके वार्ड की मतगणना के दौरान बैलेट पेपर एक साईज के नहीं थे। कोई छोटे और कोई बड़े बैलेट पेपर होने की शिकायत करने पर उन्हें मतगणना केन्द्र के भीतर जाने से रोक दिया गया। श्री सोनी ने कहा कि चुनावी घोषणा के बाद से ही उनके कार्यकर्ताओं को लगातार धमकी दी जाती रही। समर्थक अजय सिंह से मारपीट तक की गई जिसकी रिपोर्ट छावनी थाना में दर्ज है।  स्ट्रांग रूम में किसी को भी जाने की अनुमति नहीं थी लेकिन भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव द्वारा कांग्रेस के कुछ प्रत्याशियों को लेकर रूम का दौरा किया गया, जो आदर्श आचार संहिता के विरुद्ध है। इसका विडियो तक वायरल हुआ लेकिन शिकायत बाद भी कोई कार्रवाई न होने से कांग्रेस के लोग चुनाव में खुलकर मनमानी करते रहे। सुबह से ही भाजपा के प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर जाने से रोका गया, इसके विपरित कांग्रेस व एनएसयूआई के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। चुनाव नियमों के अनुसार प्रत्याशियों को मतगणना स्थल पर जाने का अधिकार है लेकिन केवल बीजेपी के प्रत्याशियों को वहाँ जाने से रोका गया। कई मतपेटियाँ सील होने की बजाय निर्मल रस्सियों से बंधी दिखने पर आपत्ति की गयी लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं थे। सभी मतपेटियों से बिना मुहर लगे मत पत्र बड़ी संख्या में प्राप्त हुए हैं जिनका गलत इस्तेमाल करके चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग में इसकी शिकायत की गयी है।