🔴फिल्मी स्टाइल में घटना को दिया अंजाम
सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 21 नवम्बर। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में बुधवार (19 नवंबर) को एक सनसनीखेज वारदात में सरकारी स्टिकर लगी कार में आए बदमाशों ने खुद को आरबीआई अधिकारी बताकर एटीएम कैश वैन को रोक लिया। इसके बाद कागज जांचने के नाम पर करीब 7.11 करोड़ रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए। एटीएम रिफिलिंग के लिए नकदी ले जा रहे थे।
पूरी घटना अशोक पिलर के पास उस समय हुई, जब सीएमएस कंपनी का वाहन जेपी नगर स्थित बैंक शाखा से पैसे लेकर एटीएम में डालने जा रहा था। पुलिस ने शुरुआत में बताया था कि बदमाशों ने खुद को आयकर अधिकारी बताया था।
यह घटना दोपहर 12:30 से 1 बजे के बीच हुई। सीएमएस इन्फो सिस्टम्स की वैन तीन बक्सों में नकदी लेकर जेपी नगर स्थित एचडीएफसी बैंक से 22 किलोमीटर दूर एचबीआर लेआउट जा रही थी। इस चौंकाने वाली घटना में एक एमयूवी, दो हैचबैक गाड़ियां और सीएमएस की संचालित बख्तरबंद वैन शामिल थी।
मारूति जेन लगाकर रोकी कैश वैन
मामला तब शुरू हुआ, जब एक हैचबैक मारुति ज़ेन ने दोपहर करीब 12:30 बजे जयनगर द्वितीय ब्लॉक स्थित अशोक स्तंभ के पास कैश वैन को रोक लिया। वैन में ड्राइवर बिनोद कुमार के अलावा तीन लोग सवार थे। इसमें कस्टोडियन आफताब और बंदूकधारी राजन्ना और तम्मैया।
RBI अधिकारी बताकर MUV में घुसे
तीन आदमी हैचबैक से बाहर निकले, जिसके पीछे एक इनोवा, एक एमयूवी भी थी। उन्होंने वैन में बैठे लोगों से कहा कि हम आरबीआई के अधिकारी हैं। आपकी कंपनी के खिलाफ आरबीआई के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने की शिकायत है। हमें आपके बयान दर्ज करने हैं। सीएमएस कर्मचारियों ने धोखेबाजों की बात पर तुरंत विश्वास कर लिया। राजन्ना और तम्मैया नामक दो बंदूकधारियों ने अपनी लाइसेंसी सिंगल-बैरल बंदूकें गाड़ी में ही छोड़ दीं और कस्टोडियन के साथ एमयूवी में घुस गए।
इस तरह ले गए कैश वैन
एक बदमाश ने कैश वैन चालक को अशोक स्तंभ से लगभग 3 किलोमीटर दूर डेयरी सर्किल फ्लाईओवर पर जाकर आरबीआई अधिकारियों का इंतज़ार करने की सलाह दी। कुमार आगे गाड़ी चला रहा था, जबकि सीएमएस कर्मचारियों और बदमाशों वाली एमयूवी वैन का पीछा कर रही थी। निमहंस जंक्शन पहुंचकर एमयूवी रुक गई।
बदमाशों ने तीनों सीएमएस कर्मचारियों को उतरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन आओ, हम तुम्हारा बयान लेंगे। उससे पहले, हमें कैश बॉक्स आरबीआई ले जाना चाहिए।
बंदूक की नोक पर लूटा
सीएमएस कर्मचारी सिद्धपुरा पुलिस स्टेशन की ओर चल पड़े। ड्राइवर कुमार डेयरी सर्कल फ्लाईओवर तक गाड़ी चलाकर वहां इंतज़ार करने लगा। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जल्द ही, बदमाशों वाली एक एमयूवी कुमार के पास रुकी। बंदूक की नोक पर, बदमाशों ने कैश बॉक्स को आरबीआई के जांच के लिए एक अन्य हैचबैक मारुति वैगनआर में डाल दिया। पलक झपकते ही बदमाश कुमार, उनकी वैन और उनकी एमयूवी को छोड़कर भाग गए।
नौ टीमें बनाई गईं
बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि वे मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश, सीएमएस को हमसे संपर्क करने में देरी हुई। दो पुलिस उपायुक्त और एक संयुक्त आयुक्त मामले को सुलझाने के लिए आठ विशेष टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी संजय ने दावा किया कि उसने अशोक स्तंभ से ठीक पहले एक हैचबैक कार को सीएमएस वैन का रास्ता रोकते देखा। उसने कहा, ‘फिर, पीछे से आई एक एमयूवी कार की आगे की लाइसेंस प्लेट पर भारत सरकार का लोगो लगा था।’ पुलिस ने पाया कि लाइसेंस प्लेट (KA-03-NC-8052) नकली थी और यह कल्याणनगर के एक व्यक्ति की सेडान कार थी।
सीएमएस के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नटराज ने कहा कि उन्हें अपने किसी कर्मचारी पर शक नहीं है और उन्होंने कहा कि पुलिस जांच से इसके पीछे के लोगों का पता चल जाएगा। सीएमएस के एक शाखा प्रबंधक विनोद चंद्रार ने बुधवार देर रात शिकायत दर्ज कराई।
शहर में संभवत: इस तरह की यह पहली घटना
कर्नाटक के गृह मंत्री एच परमेश्वर ने कहा कि बंगलूरू में शायद ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि भारत सरकार का स्टिकर लगी एक कार में कुछ लोग आए और उन्होंने नकदी वाहन को यह कहते हुए रोक लिया कि वे दस्तावेजों की जांच करना चाहते हैं।
इसके बाद संदिग्धों ने वैन के कर्मचारियों को नकदी सहित अपनी कार में जबरन बैठा लिया। उन्होंने बताया कि वे कथित तौर पर डेयरी सर्कल की ओर गए जहां उन्होंने कर्मचारियों को उतार दिया और नकदी लेकर भाग गए, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग सात करोड़ रुपये है।
50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच
वाहन के रास्ते का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है। वहीं गृह मंत्री परमेश्वर ने आश्वासन दिया कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा। मीडिया से बात करते हुए शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि यह घटना बुधवार दोपहर सिद्धपुरा थाना क्षेत्र में हुई।
शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल
उन्होंने कहा कि “पूरे शहर में नाकाबंदी है, हम अपना प्रयास कर रहे हैं। हमने कई टीमें बनाई हैं, हमारी टीमें पूरे शहर में फैली हुई हैं। हमारी टीमें जमीनी स्तर पर मौजूद हैं, साथ ही विभिन्न तकनीकी शाखाओं के तहत नियंत्रण कक्ष में भी मौजूद हैं। हम जल्द से जल्द मामले का पता लगाने की कोशिश करेंगे। दो डीसीपी और एक संयुक्त आयुक्त मामले पर काम कर रहे हैं।” प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सीएमएस कैश वैन से पैसे को जबरन एक वाहन में डाला गया और ले जाया गया।

