ATM कैश लोडिंग वर्कर की 14.60 लाख लूट की कहानी निकली फर्जी

ATM कैश लोडिंग वर्कर की 14.60 लाख लूट की कहानी निकली फर्जी


🔴मानगढ़ कहानी का पर्दाफाश होने के बाद कुम्हारी पुलिस ने प्रार्थी को ही बनाया आरोपी

भिलाई नगर 07 दिसंबर। हिताची कंपनी के एटीएम में कैश लोडिंग वर्कर द्वारा 14 लाख 60 हज़ार रुपए की लूट के फर्जी के मामले का पर्दाफाश दुर्ग पुलिस ने कर दिया है। प्रार्थी के द्वारा लूट की मनगढ़ंत कहानी रची गई थी। जिसे पूछताछ पर पुलिस ने उजागर कर दिया। इस मामले में अब प्रार्थी ही आरोपी बन गया जिसे हिरासत में ले लिया गया है।

हालांकि युवक ने लूट का शिकार होने की फर्जी कहानी गढ़कर पुलिस को घंटों तक उलझाए रखा। 14 लाख 60 हजार रुपए की लूट का पता चलते ही एसएसपी विजय अग्रवाल और एएसपी शहर सुखनंदन राठौर सहित कुम्हारी थाना का स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंच गया। प्रारंभिक जांच में लूट का यह मामला फर्जी निकलने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। अब लूट की फर्जी कहानी गढ़ने वाले युवक पर पुलिस द्वारा अपराध दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि 6 दिसंबर की शाम साढ़े 7 बजे के आसपास कुम्हारी पुलिस को कपसदा गांव में ग्लोबल स्कूल के पास 14 लाख 60 हजार रुपए से भरे बैग को तीन अज्ञात युवकों द्वारा लूट लिए जाने की सूचना मिली। तथाकथित लूट के मामले का प्रार्थी चरोदा का रहने वाला आशीष राठौर पिता राम खिलावन राठौर ( 34 वर्ष ) था। आशीष राठौर हिताची कंपनी के एटीएम बूथ पर कैश लोडिंग करने वाले एजेंसी का वर्कर है। एटीएम में रुपए लोडिंग के लिए बैग में कैश लेकर परिवहन के दौरान लूट की वारदात होने की जानकारी पुलिस को दी। लेकिन पुलिस जांच में एटीएम कर्मी द्वारा बताई लूट की कहानी फर्जी निकलने के बाद पुलिस उसके खिलाफ अपराध कायम कर लिया है। आशीष राठौर ने स्वयं के साथ हुई लूट की घटना से संबंधित आवेदन पुलिस को दिए। जिसमें स्वयं को हिताची कंपनी के एटीएम में कैश लोडिंग का काम करता है। 6 दिसंबर को वह नेहरू नगर से कैश लेकर अपने भांजे मनीष राठौर पिता अशोक राठौर के साथ मोटर साइकिल से निकला था। वह रायपुर हीरापुर में तेंदुआ के एटीएम से कैश लोडिंग करने के बाद दुर्ग जिले के मुरमुंदा व दादर एटीएम में कैश लोडिंग के लिए जा रहा था। इसी दौरान कुम्हारी थाना क्षेत्र के कपसदा गांव में ग्लोबल स्कूल के पास तीन युवकों ने उनकी मोटर साइकिल के सामने आकर उन्हें रोका। अचानक रोकने से मोटर साइकिल सहित वे गिर पड़े। फिर तीनों युवक चाकू दिखाकर बैग छीना और खेतों के रास्ते भाग निकले। आशीष के मुताबिक बैग में मुरमुंदा एटीएम में 8 लाख 60 हजार रुपए और दादर एटीएम में डालने के लिए रखे 6 लाख रुपए थे। इसकी सूचना आशीष ने डायल 112 के जरिए पुलिस को दी।
बताया जाता है कि कुम्हारी पुलिस की एक टीम इसी दौरान एक मर्ग के सिलसिले में बोरसी गांव से लौट रही थी। सूचना पर वह टीम तुरंत बताए गए घटना स्थल पर पहुंच गई। आशीष ने घटना के समय अपने साथ भांजे मनीष राठौर के होने की जानकारी दी। लेकिन वहां पर मनीष मौजूद नहीं था। तीन लोगों के रोकने के दौरान अनियंत्रित होकर मोटर साइकिल गिरने की बात भी आशीष ने बताया। लेकिन पुलिस को उसके शरीर या मोटर साइकिल पर किसी भी तरह का खरोंच तक नजर नहीं आया। आशीष के जवाब में भी विसंगति दिखी तो पुलिस जवानों को मामला मनगढ़ंत लगा। आशीष राठौर से थाने में एसएसपी विजय अग्रवाल और एएसपी शहर सुखनंदन राठौर ने भी पूछताछ किया तो साफ हो गया कि लूट की यह घटना मनगढ़ंत है।

कमीशन ज्यादा पाने का खेल – SSPअग्रवाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह पूरा मामला कमिशन खोरी का है। एजेंसियों के द्वारा वर्कर्स को जितना ज्यादा रुपया लोड कराया जाता है। उतना ही ज्यादा कमीशन दिया जाता है। इसलिए वर्कर रूपयों को जो एटीएम से निकासी ज्यादा होती है। उन एटीएम में ही ज्यादा से ज्यादा रुपए लोड किए जाते हैं। आशीष के द्वारा ज्यादा कमीशन पाने के चक्कर में रुपए एटीएम में लोड कर दिए गए। बाद में लूट की घटना की कहानी बनाई थी।