🙏🏻🙏 हर हर महादेव 🙏🙏🏻
🌹🙏👉 पुण्य लाभ हेतु इस “श्रीपंचांग” को ओर लोगों को भेजकर सनातन धर्म एवं संस्कृति के विकास के साथ अपना पुण्य लाभ उठायें। साथ ही हर व्यक्ति कम-से-कम पांच सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को जोड़ें।
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🌤️ दिनांक – 05 फरवरी 2024
🌤️ दिन – सोमवार
🌤️ विक्रम संवत – 2080
🌤️ शक संवत -1945
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – शिशिर ॠतु
🌤️ मास -माघ(गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार पौष)
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – दशमी शाम 05:24 तक तत्पश्चात एकादशी
🌤️ नक्षत्र – अनुराधा सुबह 07:54 तक तत्पश्चात जेष्ठा
🌤️ योग – ध्रुव सुबह 10:52 तक तत्पश्चात व्याघात
⚛️सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ-:👇👇
( दिल्ली समयानुसार)
सूर्योदय———–07:07
सूर्यास्त————18:03
सूर्य राशि———-मकर
चन्द्र राशि———वृश्चिक
चन्द्रोदय———-27:51
चन्द्रास्त———-13:03
⚫अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)-:👇👇
दुष्टमुहूर्त- 12:57 से 13:40 तक,
15:08 से 15:52 तक
राहु काल 08:29 से 09:51 तक
कालवेला /अर्द्धयाम10:45 से 11:29 तक
गुलिक काल13:57 से 15:19 तक
🌑दिशा शूल———-पूर्व
⚛️शुभ समय (शुभ मुहूर्त)-:👇👇
ब्रह्म मुहूर्त 4:30 से 5:30 तक
अभिजीत12:13 से 12:57 तक
विजय मुहूर्त 14:24 से 15:08 तक
गोधूलि वेला 18:00 से 18:27 तक
सर्वार्थ सिद्धि योग 06:56 से 10:33 तक
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
💥 *विशेष – भद्रा सुबह 6.43 से 17.25 तक। भद्रा वास स्वर्ग। सुख कारक।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷 एकादशी व्रत के लाभ 🌷
➡️ 05 फरवरी 2024 सोमवार को शाम 05:25 से 06 फरवरी, मंगलवार को शाम 04:07 तक एकादशी है।
💥 विशेष – 06 फरवरी, मंगलवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखे।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌹🙏🏻 जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
🌹🙏🏻 *जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।
🌹🙏🏻 *एकादशी करनेवालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं और अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं ।इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है ।*
🌹🙏🏻 धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है ।
🌹🙏🏻 कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।
🌹🙏🏻 परमात्मा की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ ।भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है । एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷 एकादशी के दिन करने योग्य 🌷
🌹🙏🏻 एकादशी को दिया जलाके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें👇👇 💐👉🏻 विष्णु सहस्त्र नाम नहीं हो तो १० माला गुरुमंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे होते हों, तो झगड़े शांत हों जायें ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷 एकादशी के दिन ये सावधानी रहे 🌷
🙏🏻 महीने में १५-१५ दिन में एकादशी आती है एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सके तभी भी उनको चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है… तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है…ऐसा डोंगरे जी महाराज के भागवत में डोंगरे जी महाराज ने कहा
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
💐👉इस दिन छ: कामों में तिल का उपयोग करने के कारण यह एकादशी ‘षटतिला’ कहलाती है, जो सब पापों का नाश करनेवाली है । :
➡️१] पानी में तिल डाल के स्नान करना ।
➡️२] तिलों का उबटन लगाना ।
➡️३] तिल डालकर पितरों का तर्पण करना, अर्घ्य देना
➡️४] अग्नि में तिल डालकर यज्ञादि करना ।
➡️५] तिलों का दान करना ।
➡️६] तिल को भोजन के काम में लेना ।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
💐👉तिलों की महिमा तो है लेकिन तिल की महिमा सुनकर तिल अति भी न खायें और रात्रि को तिल और तिल मिश्रित वस्तु खाना वर्जित है ।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷तेलों में सर्वश्रेष्ठ बहुगुण सम्पन्न तिल का तेल🌷
⏩तेलों में तिल का तेल सर्वश्रेष्ठ है । यह विशेषरूप से वातनाशक होने के साथ ही बलकारक, त्वचा, केश व नेत्रों के लिए हितकारी, वर्ण ( त्वचा का रंग ) को निखारनेवाला, बुद्धि एवं स्मृतिवर्धक, गर्भाशय को शुद्ध करनेवाला और जठराग्निवर्धक है । वात और कफ को शांत करने में तिल का तेल श्रेष्ठ हैं ।
⏩अपनी स्निग्धता, तरलता और उष्णता के कारण शरीर में सूक्ष्म स्त्रोतों में प्रवेश कर यह दोषों को जड़ से उखाड़ने तथा शरीर के सभी अवयवों को दृढ़ व मुलायम रखने का कार्य करता है । टूटी हुई हड्डियों व स्नायुओं को जोड़ने में मदद करता है ।
⏩तिल के तेल की मालिश करने व उसका पान करने से अति स्थूल (मोटे ) व्यक्तियों का वजन घटने लगता है व कृश ( पतले ) व्यक्तियों का वजन बढ़ने लगता है । तेल खाने की अपेक्षा मालिश करने से ८ गुना अधिक लाभ करता है । मालिश से थकावट दूर होती है, शरीर हलका होता है । मजबूत व स्फूर्ति आती है । त्वचा का रुखापन दूर होता है, त्वचा में झुर्रियाँ तथा अकाल वार्धक्य नहीं आता । रक्तविकार, कमरदर्द, अंगमर्द ( शरीर का टूटना ) व वात-व्याधियाँ दूर रहती हैं ।शिशिर ऋतू में मालिश विशेष लाभदायी है ।
🌞 ~ वैदिक पंचांग ~ 🌞
🌷औषधीय प्रयोग🌷
🎀१] तिल का सेवन १०-१५ मिनट तक मुँह में रखकर कुल्ला करने से शरीर पुष्ट होता है, होंठ नहीं फटते, कंठ नहीं सूखता, आवाज सुरीली होती है, जबड़ा व हिलते दाँत मजबूत बनते हैं और पायरिया दूर होता है ।
🎀२] ५० ग्राम तिल के तेल में १ चम्मच पीसी हुई सोंठ और मटर के दाने बराबर हींग डालकर गर्म किये हुए तेल की मालिश करने से कमर का दर्द, जोड़ों का दर्द, अंगों की जकड़न, लकवा आदि वायु के रोगों में फायदा होता है।
🎀३] २०-२५ लहसुन की कलियाँ २५० ग्राम तिल के तेल में डालकर उबालें । इस तेल की बूँदे कान में डालने से कान का दर्द दूर होता है ।
🎀४] प्रतिदिन सिर में काले तिलों के शुद्ध तेल से मालिश करने से बाल सदैव मुलायम, काले और घने रहते हैं, बाल असमय सफेद नहीं होते ।
🎀५] ५० मि.ली. तिल के तेल में ५० मि.ली. अदरक का रस मिला के इतना उबालें कि सिर्फ तेल रह जाय । इस तेल से मालिश करने से वायुजन्य जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है ।
🎀६] तिल के तेल में सेंधा नमक मिलाकर कुल्ले करने से दाँतों के हिलने में लाभ होता है ।
🎀७] घाव आदि पर तिल का तेल लगाने से वे जल्दी भर जाते हैं ।
🌷फरवरी मास की योगों व तिथियाँ🌷
🔥👉 ६ फरवरी : षट्तिला एकादशी (इस दिन स्नान, उबटन, जलपान, भोजन, दान व होम में तिल का उपयोग पापों का नाश करता है ।)
🔥👉 ७ फरवरी : प्रदोष व्रत
🔥👉 ८ फरवरी : मासिक शिवरात्रि, व्यतीपात योग (रात्रि ११:१० से ९ फरवरी रात्रि ७:०७ तक)
🔥👉 ९ फरवरी : माघ अमावस्या, मौनी-त्रिवेणी अमावस्या
🔥👉 १० फरवरी : पंचक आरम्भ ( सुबह १०:०२)
🔥👉 ११ फरवरी : चन्द्र दर्शन (शाम ६::२० से ०७:५५ तक)
🔥👉 १२ फरवरी : तीलकुन्द चतुर्थी
🔥*👉 १३ फरवरी : मंगलवारी चतुर्थी (सूर्योदय से दोपहर २-४१ तक), विष्णुपदी संक्रांति (पुण्यकाल : सुबह ९-५१ से दोपहर ३-५४ तक) (इस दिन किये गये ध्यान, जप व पुण्यकर्म का फल लाख गुना होता है ।
- पद्म पुराण)*
🔥👉 १४ फरवरी : मातृपितृ पूजन दिवस, वसंत पंचमी (इस दिन सारस्वत्य मंत्र का अधिक-से-अधिक जप करना चाहिए ।)
🔥👉 १६ फरवरी : माघ शुक्ल सप्तमी (इस दिन प्रातः पुण्यस्नान, व्रत करके गुरु का पूजन करनेवाला सम्पूर्ण माघ मास के स्नान का फल व वर्षभर के रविवार व्रत का पुण्य पा लेता है । यह सम्पूर्ण पापों को हरनेवाली व सुख-सौभाग्य की वृद्धि करनेवाली है ।)
🔥👉 १९ फरवरी : छत्रपति शिवाजी महाराज जयन्ती (दि. अ), भक्त पुंडलिक उत्सव (पंढरपुर), वसंत ऋतु प्रारम्भ
🔥👉 २० फरवरी : जया एकादशी
🔥👉 २१ फरवरी : श्री वराह द्वादशी, श्री भीष्म द्वादशी, प्रदोष व्रत
🔥*👉 २२ फरवरी : माघ शुक्ल त्रयोदशी (इस दिन से माघी पूर्णिमा (२४ फरवरी) तक प्रातः पुण्यस्नान तथा दान, व्रतादि पुण्यकर्म करने से सम्पूर्ण माघ- स्नान का फल मिलता है । - पद्म पुराण), गुरुपुष्यामृत योग (सूर्योदय से शाम ४-४३ तक)*
🔥👉 २४ फरवरी : माघी पूर्णिमा, माघ स्नान समाप्त, संत रविदास जयंती
🔥👉 २८ फरवरी : संकष्ट चतुर्थी (चंद्रोदय : रात्रि ९-४२), राष्ट्रीय विज्ञान दिवस
🌞~वैदिक पंचांग~🌞
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🌹👉 राहुकाल ज्ञानाय समय चक्र 👈🌹
➡️ रविवार – सायं काल -16:30 से 18:00 तक
➡️ सोमवार- प्रातःकाल -07:30 से 09:00 तक
➡️ मंगलवार -दिवा काल -15:00 से 16:30 तक
➡️ बुधवार – दिवा काल -12:00 से 13:30 तक
➡️ गुरुवार – दिवा काल -13:30 से 15:00 तक
➡️ शुक्रवार- प्रातःकाल -10:30 से 12:00 तक
➡️ शनिवार -प्रातःकाल -09:00 से 10:30 तक
🌹👉 अभिजीत मुहूर्त का समय 👈🌹
➡️मध्यम माननें दोपहर ( दिन में) -11:36 से 12:24 बजे तक के मध्य अभिजीत मुहूर्त वर्तमान रहता है। जिसमें सभी दोष निवारण की क्षमता कहीं गयी है। किसी मुहूर्त विशेष में लग्न की शुद्धता परिलक्षित न हो तो अभिजीत मुहूर्त में कार्य सम्पादन कर लाभ के भागीदार बन सकते हैं। विशेष विवरण पंचांग के मुहूर्त प्रकरण में देखें। धन्यवाद।
🌞~वैदिक पंचांग~🌞
🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏
🌑👉पंचक आरम्भ :👇👇
➡️शनिवार ( 10 फ़रवरी 2024 ) प्रातः 10:02 से।
🌑👉पंचक समाप्त :👇👇
➡️बुधवार ( 14 फ़रवरी 2024) प्रातः 10.43
🌞~वैदिक पंचांग~🌞
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🌹👉 जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभाशीष।
🌹👉आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 5 तारीख को हुआ है। 5 का मूलांक भी 5 ही होता है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं।
🌹👉आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं।
🌹👉आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती।
🌹👉 अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 5 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं।
शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23
शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50
शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052
ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।
शुभ रंग : हरा, गुलाबी, जामुनी, क्रीम
🌹👉कैसा रहेगा यह वर्ष
दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी। यह वर्ष सफलताओं भरा रहेगा।
🌹👉 अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा।
🌞~वैदिक पंचांग~🌞
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🌹 आज का राशिफल 🌹
🌹 🐏मेष
महत्वपूर्ण कार्यसिद्धि हो सकती है। मनोरंजक यात्रा होगी। निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। प्रमाद न करें। व्यावसायिक स्थिति में सुधार संभव है। कामकाज में मन लगेगा। निजी कार्यों में सावधानी, सतर्कता रखें। रुका पैसा प्राप्त होगा।
🌹🐂वृष
धैर्य रखें। आय से अधिक व्यय से आर्थिक तंगी आने की आशंका है। साधारण मतभेद, चिड़चिड़ाहट रह सकती है। दूसरों के कहने में नहीं रहें। व्यापार मध्यम रहेगा। कुसंगति से बचें। यात्रादि में जोखिम न लें। लेन-देन में सावधानी रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।
🌹👫मिथुन
प्रसन्नता में वृद्धि होगी। लाभ होगा। दूसरों के व्यवहार से लाभ होगा। पूर्व नियोजित योजनाओं का क्रियान्वयन संभव है। रुके कार्यों की चर्चा होगी। संतान के कामों से सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रयास सफल रहेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी।
🌹🦀कर्क
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। बेचैनी रहेगी। मान बढ़ेगा। अतिथियों का आवागमन रहेगा। झंझटों में न पड़ें। सहयोग, मार्गदर्शन नहीं मिल पाएगा। अर्थ संबंधी विवाद हो सकते हैं। संतान की चिंता रहेगी। सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेना होगा। पारिवारिक कामकाज स्थगित रहेंगे।
🌹🐅सिंह
उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। रोजगार में अपने कार्य को महत्व देंगे। महत्वपूर्ण काम समय पर पूरे हो पाएँगे। नए कार्यों की योजना बनेगी। आशानुरूप लाभ होने के योग हैं। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। भूमि व भवन आदि की खरीद-फरोख्त संभव है।
🌹🙍♀️कन्या
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली होगी। धनार्जन होगा। चोट व रोग से बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा के अवसर आएँगे। आमदनी में सुधार होगा। व्यापारिक स्थायित्व बढ़ेगा। मांगलिक उत्सवों में भाग लेंगे।
🌹⚖️तुला
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। निवेशादि लाभप्रद रहेंगे। परिवार के सदस्यों की तरक्की होगी। आमदनी से अधिक व्यय न करें। अपने कामों के प्रति सजगता रखना आवश्यक है। चोट व रोग से बचें। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा।
🌹🦂वृश्चिक
भागदौड़ रहेगी। कामकाज की अधिकता से तनाव बढ़ेगा। व्यावहारिक परेशानियाँ रहेंगी। छोटी-बड़ी तात्कालिक समस्याएँ विचलित रखेंगी। व्यापारिक असंतोष रहेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। दु:खद समाचार मिल सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें।
🌹🏹धनु
प्रभावशाली व्यक्ति सहायता करेंगे। धनार्जन होगा। मानसिक-वैचारिक श्रेष्ठता रहेगी। यात्रा मनोरंजक रहेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। आर्थिक स्थितियाँ विशेष लाभप्रद बन पाएँगी। दांपत्य जीवन संतोषप्रद रहेगा। व्यर्थ लोभ-लालच नहीं रखें।
🌹🐊मकर
सोच-विचार के अनुरूप स्थितियाँ रह पाएँगी। व्यावसायिक प्रयास सफल होने के आसार हैं। परिवार में धार्मिक, मांगलिक कार्य हो सकते हैं। जल्दबाजी न करें। विवाद से बचें। पुराना रोग उभर सकता है। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें।
🌹🍯कुंभ
महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मेलजोल बढ़ेगा। प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष की चिंता रहेगी। समस्याओं का हल ढूँढ सकेंगे। कर्ज लेने की प्रवृत्ति का त्याग करें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। तीर्थदर्शन हो सकता है। क्रोध-चिड़चिड़ाहट से कार्य नहीं करें।
🌹🐟मीन
कार्यप्रणाली में सुधार होगा। नई योजना बनेगी। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। जीवनसाथी को सम्मान मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। जोखिम के कामों से दूर रहें। नौकरी में ऐच्छिक स्थानांतरण, पदोन्नति के योग हैं। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी।
🌞~वैदिक पंचांग~🌞
🙏🏵️🌷💐🌹💐🌷🏵️🙏

