दुर्ग, 12 अगस्त 2026। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में स्वशासी योजनांतर्गत वाणिज्य विभाग के अध्ययन मंडल का गठन किया गया है। महाविद्यालय द्वारा जारी आदेश में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को अध्ययन मंडल में शामिल किया गया है। इसमें वॉयस ऑफ छत्तीसगढ़ संस्था से जुड़े अनिल बल्लेवार को उद्योग/निगमित क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में मनोनीत किया गया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा 6 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार वाणिज्य अध्ययन मंडल का कार्यकाल आगामी दो वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है। अध्ययन मंडल में संबंधित विभागाध्यक्ष को अध्यक्ष तथा विभाग के सभी सदस्यों को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा विषय विशेषज्ञ, कुलपति द्वारा मनोनीत सदस्य, उद्योग/निगमित क्षेत्र के प्रतिनिधि, स्नातकोत्तर कक्षा के मेधावी पूर्व छात्र तथा समान संकाय के अन्य विभाग के प्राध्यापक को भी शामिल किया गया है।
उद्योग जगत और शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद
अध्ययन मंडल में उद्योग/निगमित क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर अनिल बल्लेवार का चयन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वे ‘वॉयस ऑफ छत्तीसगढ़’ नामक संस्था का संचालन भी करते हैं और सामाजिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उनके अनुभव का लाभ वाणिज्य विषय के विद्यार्थियों को उद्योग जगत की कार्यप्रणाली, व्यावसायिक चुनौतियों और रोजगार के बदलते अवसरों को समझने में मिल सकता है।
अध्ययन मंडल में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. के.एल. राठी, प्रोफेसर, शासकीय डब्ल्यू डब्ल्यू पाटणकर गर्ल्स कॉलेज, दुर्ग तथा डॉ. जी.डी.एस. बग्गा, प्रोफेसर, चंदूलाल चंद्राकर शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय धमधा को शामिल किया गया है।
वहीं कुलपति द्वारा मनोनीत सदस्य के रूप में डॉ. आशानंद मखीजा, प्राध्यापक वाणिज्य, शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव को स्थान दिया गया है। स्नातकोत्तर कक्षा के मेधावी पूर्व छात्र के रूप में विक्रांत रघुवंशी, चार्टर्ड एकाउंटेंट, साकेत जैन एंड कंपनी, पद्मनाभपुर दुर्ग तथा समान संकाय के अन्य विभाग के प्राध्यापक के रूप में प्रो. दिलीप कुमार साहू को शामिल किया गया है।
विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
अध्ययन मंडल में उद्योग क्षेत्र के प्रतिनिधि की भागीदारी से महाविद्यालय और व्यावसायिक जगत के बीच संवाद मजबूत होने की उम्मीद है। अनिल बल्लेवार की नियुक्ति से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यावहारिक व्यवसायिक अनुभव, उद्योग की जरूरतों और बदलते रोजगार बाजार से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
महाविद्यालय द्वारा गठित यह अध्ययन मंडल वाणिज्य विभाग के शैक्षणिक पाठ्यक्रम एवं गतिविधियों को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

