बहू से गुस्साए ससुर ने पुलिस पर किए 45 फायर-पत्नी, बेटे-बहू को बनाया बंधक, बचाने आए दरोगा सहित दो सिपाही भी जख्मी

बहू से गुस्साए ससुर ने पुलिस पर किए 45 फायर-पत्नी, बेटे-बहू को बनाया बंधक, बचाने आए दरोगा सहित दो सिपाही भी जख्मी


बहू से गुस्साए ससुर ने पुलिस पर किए 45 फायर-पत्नी, बेटे-बहू को बनाया बंधक, बचाने आए दरोगा सहित दो सिपाही भी जख्मी

कानपुर, 19 जून। बहू से विवाद के बाद गुस्साए ससुर ने आज तीन घंटे तक जमकर उपद्रव किया है। 300 रुपए को लेकर उपजे विवाद में बुजुर्ग ने अपनी पत्नी, बेटे व बहू को कमरे में बंद कर दिया। उनको आग लगाकर फूंकने की धमकी दी। घबराई बहू ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घरेलू विवाद समझकर एक दरोगा और कुछ सिपाही जीप से बुजुर्ग के घर पहुंचे लेकिन पुलिस को देखकर बुजुर्ग और बौखला गया। उसने छत पर चढ़कर अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक 40 से 45 राउंड फायरिंग की। छर्रे लगने से दरोगा और दो सिपाही जख्मी हो गए। 3 घंटे बाद डीसीपी ईस्ट प्रमोद कुमार, एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक, एडीसीपी राहुल मिठास और छह थाने की फोर्स ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। करीब 3 घंटे के उपद्रव बाद पुलिस बड़ी मुश्किल से बुजुर्ग आरके दुबे को दबोच पाई। इसके बाद उसे थाने ले गई है। 

पुलिस ने बताया कि श्याम नगर के सी ब्लॉक के रहने वाले आरके दुबे (60 वर्ष) शेयर मार्केट का काम करते हैं। वह घर में अपनी पत्नी किरण दुबे, बड़े बेटे सिद्धार्थ, बहू भावना और दिव्यांग बेटी चांदनी के साथ रहते हैं। उनका छोटा बेटा राहुल और बहू जयश्री अलग रहती हैं।आरके दुबे का आज दोपहर करीब 12 बजे बहू भावना से बिजली बिल के 300 रुपए देने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद बुजुर्ग आपा खो बैठे। उन्होंने बहू समेत बीच-बचाव करने आई पत्नी और बेटे को एक कमरे में बंद कर दिया। चिल्लाते हुए कहा कि आग लगाकर पूरा घर फूंक दूंगा। कमरे में बंद बहू भवना ने तुरंत पुलिस को कॉल किया। कहा- बचा लीजिए, नहीं तो ससुर मार डालेंगे। चकेरी पुलिस बुजुर्ग के घर पहुंची तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। चिल्लाते हुए कहा कि मैं खुद प्रताड़ित हूं और तुम लोग मेरे घर मुझे ही पकड़ने आए हो। इसके बाद बुजुर्ग अंदर गए और अपनी डबल बैरल बंदूक उठा लाए। उन्होंने गेट पर खड़े पुलिस वालों पर फायर कर दिया। छर्रे लगने से दरोगा विनीत त्यागी और दो सिपाही घायल हो गए। इसके बाद पुलिस वाले वहां से दूर भाग गए। चकेरी पुलिस ने तुरंत सीनियर अफसरों को पुलिस पर फायरिंग की सूचना दी। डीसीपी ईस्ट प्रमोद कुमार, एसीपी मृगांक शेखर पाठक और एडीसीपी राहुल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद भी बुजुर्ग आरके दुबे नहीं थमे और जो पुलिस वाला सामने दिखा उस पर सीधे फायर करते रहे। करीब 3 घंटे तक आसपास के लोग अपने घरों में दुबके रहे। बुजुर्ग की गिरफ्तारी किए जाने के बाद मोहल्ले के लोग बाहर आए।

दुबे ने पुलिस पर करीब 3 घंटे में 40 से 45 राउंड फायरिंग की। डीसीपी ईस्ट ने लाउड स्पीकर की मदद से बात करके बुजुर्ग को समझाने की कोशिश की। बुजुर्ग ने डीसीपी से कहा कि दरोगा मेरे घर कैसे आ गया। जब तक इसे सस्पेंड नहीं किया जाएगा, फायरिंग चालू रहेगी। इसके बाद डीसीपी ने बुजुर्ग को दिखाने के लिए टाइप किया हुआ सस्पेंशन लेटर मंगवाया। बुजुर्ग के नंबर पर व्हाट्सएप पर भेजा। तब जाकर बुजुर्ग ने फायरिंग बंद की। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने आरके दुबे को हिरासत में लेने के बाद उसकी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक को कब्जे में लिया। जांच की तो छत पर करीब 45 खोखे मिले और 60 से ज्यादा जिंदा कारतूस मिले। बेटे और बहू ने बताया कि आरके दुबे के पास एक रिवॉल्वर भी है। पुलिस ने पूरा घर खंगाल डाला लेकिन रिवॉल्वर नहीं मिली। पुलिस अब रिवॉल्वर भी बरामद करने का प्रयास कर रही है।

आरोपी आरके दुबे ने पुलिस को बताया कि बड़े बेटे सिद्धार्थ की पत्नी भावना उसे परेशान करती है। बार-बार रुपए की डिमांड करती है। बहू के मायके वाले भी परेशान करते हैं। तीन महीने पहले भी उसने पुलिस से शिकायत की थी।लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।