जूनियर अधिकारियों की वेतन विसंगति से नाराज बीएसपी के सभी अधिकारियों ने किया पैदल मार्च, वाक फॉर जस्टिस के तहत पहुंचे कार्यस्थल
दुर्ग 25 फरवरी । जूनियर अधिकारियों के वेतन विसंगति से नाराज बीएसपी के अधिकारियों ने आज एसोसिएशन के कार्यालय प्रगति भवन से सुबह वाक फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत पैदल मार्च किया गया। 500 की संख्या में शामिल जूनियर अधिकारी एसोसिएशन भवन से कार्यस्थल बीएसपी प्लांट तक पैदल मार्च किया।

जूनियर अधिकारी की वेतन विसंगति से नाराज सभी अधिकारी ने आज प्रोटेस्ट के तहत ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष एन के बंछोर के नेतृत्व में आज सुबह 8:00 बजे पैदल मार्च किया गया। इस मार्च में 500 से अधिक संख्या में शामिल अधिकारियों ने करीब 4 किलोमीटर की दूरी तय की और कार्य स्थल पहुंचे। पैदल मार्च के दौरान अधिकारी वर्ग जवाहर उद्यान, बोरिया गेट मेन गेट पहुंच कर 9:00 बजे प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्वक रूप से समाप्त हुआ।

जूनियर अधिकारी की नियुक्ति वर्ष 2008 से 2010 के बीच हुई थी। 14 एवं 12 वर्ष के पश्चात भी पे-फिक्सेशन में हो रही देरी व अपने कनिष्ठ अधिकारियों से कम वेतन पर कार्य करने का बाध्य ये जूनियर अधिकारी वर्ग प्रबंधन के इस रवैया से नाराज है। विगत दस वर्षों में हुए आर्थिक नुकसान व मानसिक पीड़ा को काउंसिल की पटल में रखा। जूनियर अधिकारी 2022 की चयन प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू होने वाली है। 2008 व 2010 बैच के जूनियर अधिकारियों की मानसिक पीड़ा यह है कि वर्तमान में उनका वेतनमान यदि संशोधित नहीं किया गया तो जूनियर अधिकारी बैच 2018 एवं 2022 के उनके समकक्ष कार्मिकों से उनका वेतन कम रहेगा।
जबकि वो पिछले 14 व 12 वर्षों से एक अधिकारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। 2007 से केवल 5 वर्षों के लिए ही 2008 एवं 2010 बैच का वेज रिवीजन हुआ था। 01.01.2012 से इन अधिकारियों को अगले 5 वर्ष के लिए किसी भी प्रकार का लाभ (एम.जी.बी.) नहीं मिला है। जबकि उनके समकक्ष कर्मचारियों को एवं 2018 बैच के जूनियर अधिकारियों को 17 प्रतिशत एम.जी.बी. का लाभ दिया गया है। जिसके कारण वेतन विसंगति उत्पन्न हो गयी है। जूनियर अधिकारियों ने बताया कि प्रबंधन के द्वारा किये जा रहे टालमटोल तथा प्रबंधन के द्वारा बनाए गये अनिर्णय की स्थिति से इन अधिकारियों में रोष व्याप्त है।

