बैंक ऑफ इंडिया में ₹36.79 लाख का कथित घोटाला, तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ 1500 पन्नों का चालान

बैंक ऑफ इंडिया में ₹36.79 लाख का कथित घोटाला, तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ 1500 पन्नों का चालान


🛑ग्राहकों, फसल बीमा और स्वयं सहायता समूहों के खातों से रकम ट्रांसफर करने का आरोप, ACB ने विशेष न्यायालय कोंडागांव में पेश किए साक्ष्य

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 23 अक्टूबर 2026। बैंक ऑफ इंडिया की बड़े डोंगर शाखा में ₹36 लाख 79 हजार 323 की वित्तीय अनियमितता के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB), रायपुर ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक भावेश विश्वकर्मा के विरुद्ध विशेष न्यायालय, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, कोंडागांव में लगभग 1,500 पन्नों का चालान प्रस्तुत किया है। विवेचना में आरोप है कि बैंक के विभिन्न खातों से अनधिकृत रूप से राशि स्थानांतरित कर आरोपी के व्यक्तिगत खाते सहित अन्य खातों में जमा की गई।

दूसरे अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का किया इस्तेमाल

ACB के अनुसार, भावेश विश्वकर्मा 25 जून 2019 से 18 जनवरी 2022 तक बैंक ऑफ इंडिया की बड़े डोंगर शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। इसी अवधि में कथित वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिए जाने का मामला सामने आया।

विवेचना में पता चला कि आरोपी ने अन्य बैंक अधिकारियों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी यूजर आईडी एवं पासवर्ड का इस्तेमाल कर सक्रिय बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया। आरोप है कि बैंक के कार्यालयीन खातों, फसल बीमा खाते, ग्राहकों के बचत एवं ऋण खातों और स्वयं सहायता समूहों के खातों से अनधिकृत रूप से रकम ट्रांसफर की गई।

अपने व्यक्तिगत खाते में भी पहुंचाई रकम

जांच एजेंसी के मुताबिक, विभिन्न खातों से कुल ₹36,79,323 की राशि स्थानांतरित की गई। यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा की कोंडागांव शाखा में आरोपी के व्यक्तिगत खाते तथा अन्य खातों में भेजी गई थी।

मामले की विवेचना के दौरान दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी के विरुद्ध अभियोजन के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया है।

अप्रैल 2022 में दर्ज हुआ था मामला

भावेश विश्वकर्मा के विरुद्ध 4 अप्रैल 2022 को अपराध क्रमांक 04/2022 दर्ज किया गया था। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(क) एवं 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

बैंक ने 2022 में ही कर दिया था बर्खास्त

बैंक ऑफ इंडिया ने अपने कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में विभागीय कार्रवाई की थी। इसके बाद 27 सितंबर 2022 को भावेश विश्वकर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

अब लगभग 1,500 पन्नों का चालान विशेष न्यायालय में प्रस्तुत होने के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंचेगा। जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।