अलका में सभी को साथ लेकर चलने गजब की संगठन क्षमता – विजय शर्मा

अलका में सभी को साथ लेकर चलने गजब की संगठन क्षमता – विजय शर्मा


🛑 भाजपा की महापौर प्रत्याशी ने दाखिल किया नामांकन

दुर्ग 28 जनवरी । दुर्ग नगर निगम से भारतीय जनता पार्टी की महापौर प्रत्याशी अलका बाघमार द्वारा उप मुख्यमंत्री व प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा , राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर सरोज पाण्डेय, वरिष्ठ नेता राजीव अग्रवाल, विधायक गजेंद्र यादव दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक के साथ नामांकन दाखिल किया। नामांकन रैली पुराना बस स्टैंड से निकलकर विभिन्न मार्गो से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची।


इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि दुर्ग निगम चुनाव में महापौर प्रत्याशी एवं 60 पार्षद प्रत्याशी जीतकर आने वाले हैं। प्रचंड बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की जीत सुनिश्चित है। जीत के आने के बाद बहुत से ऐसे काम लंबित है। उसे जनहित में भाजपा की सरकार एवं हमारे महापौर एवं पार्षद पूरा करेंगे।

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अलका में गजब की संगठन क्षमता

भाजपा की महापौर प्रत्याशी अलका बाघमार ने संगठन में गजब का काम किया है इनमें योग्यता है लोगों को साथ लेकर चलने की क्षमता है। इसलिए महापौर बनकर ताकत के साथ काम करेंगे। प्रदेश के 10 के 10 नगर निगम में भाजपा के महापौर चुनाव जीतेंगे। इसीलिए प्रत्यक्ष रूप से चुनाव कराया जा रहा है । जनता का मन स्पष्ट रूप से अपने महापौर के साथ जुड़े मैं सोचता हूं कि जिस तरह से भाजपा ने काम किया है भाजपा के जीत सुनिश्चित है।

माता बहनों से वादा खिलाफी की भूपेश सरकार ने

1 वर्ष में दुर्ग में कोई कार्य नहीं हुए हैं के सवाल पर श्री शर्मा ने कहा कि 5 साल तक सरकार चलाइए एक ढेला तक इधर से उधर नहीं कर पाए। वे लोग ऐसी बात किसी भी हालत में नहीं कर सकते हैं, ध्यान होगा शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्र में एक वर्ष में जितने भी कार्य विष्णु देव सरकार ने किए हैं वे लोग कभी नहीं कर पाए। पिछली बार घोषणा पत्र में कहा था कि माता एवं बहनों को प्रतिमा ₹500 दिया जाएगा। लेकिन एक भी माता बहनों को कुछ नहीं दिया गया। परंतु महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख माता एवं बहनों को एक ₹1000 की 11 किस्त मिल चुकी है। जिसमें से 20 लाख माताएं एवं बहने शहरी क्षेत्र से हैं। चुनाव में जाति समुदाय का कोई मुद्दा ही नहीं है पार्टी में नाराजगी का प्रश्न ही नहीं उठाता है। भाजपा में नाराजगी का एक भी नाम नहीं है कोई मसला ही नहीं है। पार्टी में पहले चिंतन एवं चर्चा होती है उसके बाद पार्टी में निर्णय होने के बाद पूरा संगठन एक साथ काम करता है ।