*निकाह बाद मारपीट कर कमरे में कर देते थे बंद, भोजन की बजाय देते ताने, कुवैत से धमकाता रहा देवर, मामला दहेज का, काउंसलिंग और सामाजिक समझौते बाद भी बात नहीं बनी तो शिक्षिका ने कराई रिपोर्ट*

*निकाह बाद मारपीट कर कमरे में कर देते थे बंद, भोजन की बजाय देते ताने, कुवैत से धमकाता रहा देवर, मामला दहेज का, काउंसलिंग और सामाजिक समझौते बाद भी बात नहीं बनी तो शिक्षिका ने कराई रिपोर्ट*


निकाह बाद मारपीट कर कमरे में कर देते थे बंद, भोजन की बजाय देते ताने, कुवैत से धमकाता रहा देवर, मामला दहेज का, काउंसलिंग और सामाजिक समझौते बाद भी बात नहीं बनी तो शिक्षिका ने कराई रिपोर्ट 

भिलाई नगर, 11 फरवरी। लगातार पति व ससुराल वाले मारपीट कर महिला को एक कमरे में बंद रखते और पर्याप्त भोजन भी नहीं देते थे। लम्बे समय तक जब वह उनकी प्रताड़ना झेलती रही तो एक दिन उसे घर से बाहर निकाल दिया। काउंसलिंग बाद भी जब ससुराल पक्ष समझौता न करने पर आमादा दिखा तो पिछले कई महीने से मायके में रह दो बच्चों का भरण पोषण कर रही शिक्षिका की रिपोर्ट पर महिला थाना पुलिस ने उसके पति शहजाद अली, सास रुखसाना बानो, ननद शमा, देवर आजाद अली और ससुर शौकत अली के खिलाफ धारा 34 व 498ए के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लक्ष्मी नगर दुर्गापारा निवासी शिकायतकर्ता शिक्षिका का समाजिक रीति रिवाज से 14 नवंबर 2017 को पलकनुमा मस्जिद के पास विवेकानंद नगर कोहका निवासी शहजाद अली के साथ निकाह हुआ जिसमें उसके माता पिता ने हैसियत के मुताबिक सभी सामान, जेवरात, स्कूटी सहित नगदी ढाई लाख दिए। ससुराल में एक माह तक सब ठीक रहा उसके बाद पति एवं ससुराल वाले छोटी छोटी बातों को लेकर कम दहेज लाने की बात कह प्रताड़ित करने लगे। लगभग डेढ़ वर्ष तक पति के साथ वह रही मगर प्रताड़ना लगातार बढ़ती गई। पति पेशे से प्रायवेट कर्मचारी है तथा शराब का बहुत ज्यादा सेवन करता है। देवर आजाद अली कुवैत में काम करता है, उसके द्वारा भी फोन कर गाली गलौज कर ससुराल पक्ष से उसे घर से निकालने को उकसाया जाता रहा। पीड़िता के मुताबिक ससुराल वाले एकराय उससे मारपीट करते समय इतना ज्यादा उग्र हो जाते कि लात घुसे से जानवरों की तरह पीटते थे। इस बीच मायके वाले जब कोहका मिलने जाते तो उन्हें घर के अन्दर प्रवेश नहीं करने दिया जाता था। घर से निकालने के बाद सामाजिक रूप से भी ससुराल पक्ष को समझाने के प्रयास हुए पर वो नहीं माने।