तीन तलाक के नौ साल बाद पूर्व बीवी के पास पहुंचा रियाजुद्दीन, बोला-ये मेरा दोस्त है, इसके साथ हलाला कर लो….! ओवैसी की पार्टी से यूपी का नेता है आरोपी
जामिया नगर, 14 सितंबर। बेशर्मी तथा धुर्तता की आपने काफी ख़बरें सुनी होंगी लेकिन ये खबर आपको पूरी तरह से चौंका देगी। रियाजुद्दीन ने 9 साल पहले अपनी बीवी को तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया था। उसकी बीवी ने उससे काफी मिन्नतें मांगी थी लेकिन वह नहीं माना तथा तलाक तलाक तलाक कहकर घर से निकाल दिया था।
इसके बाद पीड़िता जैसे तैसे अपना जीवनयापन कर रही थी, लेकिन तभी 9 साल बाद एक बार फिर से रियाजुद्दीन का उसे घिनौना रूप देखने को मिला। रियाजुद्दीन अपनी बीवी को तीन तलाक देने के नौ साल बाद उसका हलाला कराने उसके घर पहुंच गया। साथ मे उस दोस्त को भी ले उसके जामिया नगर स्थित घर पर ले गया जिससे वह उसका हलाला करना चाहता था। जब महिला ने उसकी बात मानने से इंकार कर दिया तो आरोपी ने उसे व उसके बच्चों को जान से मार देने की धमकी देने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने उससे छेड़छ़ाड़ व मारपीट भी की और फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता इसकी शिकायत लेकर जामिया नगर थाने पहुंची, जहां पुलिस ने शिकायत पर एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला के अनुसार आरोपी पूर्व पति रियाजुद्दीन खान असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी आल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) का उत्तर प्रदेश का सचिव है। हालांकि रियाजुद्दीन से संपर्क करने पर उसने बताया कि वह एक सप्ताह पहले पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। रियाजुद्दीन ने आरोपी लगाया है कि महिला पैसे वसूलने के लिए उन पर झूठे आरोप लगा रही है। वह छह माह से दिल्ली गए ही नहीं हैं।
पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि रियाजुद्दीन ने खुद को तलाकशुदा बताकर जनवरी 2012 में उससे निकाह किया था। लेकिन निकाह के बाद पता चला कि वह तलाकशुदा नहीं है। वह अपनी पहली पत्नी के साथ मिलकर उसे परेशान करने लगा। इस बीच पीड़िता ने एक पुत्र को जन्म दिया। 2012 के आखिर में आरोपित ने तीन तलाक देकर पीड़िता को अपने घर से भगा दिया था। पीड़िता ने बताया कि 19 अगस्त की रात वह अपने एक साथी के साथ उनके घर पहुंचा और कहा कि नौ साल पहले उसने पीड़िता को तीन तलाक देकर बहुत बड़ी भूल की थी। अब वह उससे दोबारा निकाह करना चाहता है। उसने कहा कि पीड़ृिता उसके दोस्त के साथ हलाला कर ले। फिर वह उससे दोबारा निकाह कर लेगा। विरोध करने पर आरोपित ने उसके कपड़े फाड़ दिए और दुष्कर्म का प्रयास किया और पिटाई की। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी जुटने लगे तो दोनों भाग गए। पीड़िता ने बहु विवाह व निकाह हलाला को गैरकानूनी करार देने के लिए 26 मार्च 2018 को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी जिस पर अभी सुनवाई चल रही है।

