छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी के 5 मामलों में ACB/EOW ने कोर्ट में पेश किए चालान

छत्तीसगढ़ में रिश्वतखोरी के 5 मामलों में ACB/EOW ने कोर्ट में पेश किए चालान


🔴उप अभियंता, पटवारी और बाबू समेत 5 आरोपी घिरे

सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 20 जुलाई 2026। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने ट्रैप के 5 अलग-अलग मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों के खिलाफ संबंधित विशेष न्यायालयों में अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश कर दिए हैं। इनमें एक उप अभियंता, दो बाबू, एक पटवारी व विद्युत विभाग का कर्मचारी शामिल हैं, जिन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

जशपुर: बिल भुगतान के एवज में 25 हजार रुपये की रिश्वत

एसीबी अंबिकापुर ने जनपद पंचायत मनोरा के तत्कालीन प्रभारी एसडीओ एवं उप अभियंता संजय कुमार दिवाकर के खिलाफ विशेष न्यायालय, जशपुर में चार्जशीट पेश की। आरोपी पर मनरेगा के तहत कराए गए गेबियन संरचना कार्य के मूल्यांकन एवं बिल भुगतान के लिए 25 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। इस मामले में अपराध क्रमांक 31/2026 दर्ज किया गया था।

जांजगीर-चांपा: चेक जारी करने के नाम पर 16 हजार की मांग

एसीबी बिलासपुर ने नगर पंचायत नवागढ़ के बाबू प्रकाश जायसवाल के खिलाफ विशेष न्यायालय, जांजगीर-चांपा में अभियोग पत्र दाखिल किया। आरोपी ने अधोसंरचना कार्यों के भुगतान का चेक जारी कराने के बदले 16 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। वह पहले 6 हजार रुपये लेने के बाद दूसरी किश्त 10 हजार रुपये लेते समय ट्रैप में पकड़ा गया था।

रायगढ़: नाम सुधार के लिए 60 हजार रुपये लेते पकड़ा गया बाबू

तहसील कार्यालय छाल के बाबू तुलाराम पटेल के खिलाफ विशेष न्यायालय, रायगढ़ में चार्जशीट पेश की गई। आरोपी ने राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधार कराने के एवज में 60 हजार रुपये रिश्वत मांगी और लेते समय एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

बेमेतरा: बंटांकन और ऋण पुस्तिका के लिए पटवारी ने मांगी रिश्वत

एसीबी रायपुर ने ग्राम बोड़, तहसील साजा के पटवारी ओंकार प्रसाद सोनवानी के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम), बेमेतरा की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया। आरोपी ने जमीन के बंटांकन, खाता विभाजन और ऋण पुस्तिका बनाने के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत ली थी और ट्रैप कार्रवाई में पकड़ा गया था।

चारों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई है। एसीबी ने बताया कि विवेचना पूरी होने के बाद पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर संबंधित विशेष न्यायालयों में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए गए हैं।

धमतरी में विद्युत विभाग के कर्मचारी पर मामला


धमतरी जिले के गंगरेल स्थित विद्युत यांत्रिकी अनुभाग क्रमांक-2 में पदस्थ प्रोग्रेसमेन लकेश्वर साहू के खिलाफ भी विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया। आरोपी को ग्रेच्युटी राशि का भुगतान कराने के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।
एसीबी ने बताया कि सभी मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना पूरी की गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद संबंधित विशेष न्यायालयों में अभियोग पत्र प्रस्तुत कर आगे की न्यायिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है