सर्पदंश मुआवजा दिलाने के नाम पर ₹50 हजार का मांगा चेक, कलेक्ट्रेट का बाबू ACB के हत्थे चढ़ा

सर्पदंश मुआवजा दिलाने के नाम पर ₹50 हजार का मांगा चेक, कलेक्ट्रेट का बाबू ACB के हत्थे चढ़ा


सीजी न्यूज़ ऑनलाइन, 28 जुलाई 2026। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने रायगढ़ कलेक्ट्रेट के राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ बाबू राजकुमार सिदार को सर्पदंश से मृत महिला के परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि दिलाने के एवज में ₹50 हजार का हस्ताक्षरित चेक लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

एसीबी के अनुसार, ग्राम बुलाकी, तहसील पुसौर निवासी विजय सिदार ने शिकायत की थी कि उनकी पत्नी रामकुमारी की वर्ष 2023 में सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। शासन की योजना के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए उन्होंने राजस्व विभाग में आवेदन किया था, जिसका प्रकरण कलेक्ट्रेट रायगढ़ में लंबित था।

शिकायत में बताया गया कि राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा में पदस्थ बाबू राजकुमार सिदार ने मुआवजा राशि शीघ्र बैंक खाते में जारी कराने के बदले ₹50 हजार की रिश्वत की मांग की। आरोपी ने कहा कि मुआवजा मिलने के बाद राशि लाकर देनी होगी और तब तक गारंटी के रूप में ₹50 हजार का हस्ताक्षरित चेक जमा करना होगा।

शिकायत के सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर एसीबी ने मंगलवार 28 जुलाई 2026 को जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता से ₹50 हजार का हस्ताक्षरित चेक लिया, टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।

एसीबी के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

एसीबी ने बताया कि रिश्वत की रकम की बजाय गारंटी के रूप में हस्ताक्षरित चेक मांगकर रिश्वत लेने और उसी दौरान गिरफ्तारी का यह पहला मामला माना जा रहा है, जो भ्रष्टाचार के नए तौर-तरीकों को भी उजागर करता है।