सीजी न्यूज ऑनलाइन, 11मई 2026। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बिलासपुर की टीम ने जिला मुख्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी कार्यालय के बाबू विजय पांडेय को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप ने एसीबी कार्यालय बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह कोटा में होटल का संचालन करता है। अगस्त 2025 में होटल की जांच के दौरान खाद्य पदार्थ पेड़ा खुले में पाए जाने पर फूड सेफ्टी विभाग द्वारा उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। यह मामला अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी, बिलासपुर के समक्ष लंबित था।
शिकायत के मुताबिक कार्यालय के बाबू विजय पांडेय ने देवेंद्र कश्यप को बताया कि मामले में एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। जुर्माने की राशि 30 हजार रुपये तक कराने के बदले आरोपी ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपी पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था, जबकि 15 हजार रुपये की दूसरी किश्त लेना बाकी था। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना तैयार की।
शनिवार 10 मई 2026 को आरोपी ने शिकायतकर्ता को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी कार्यालय बुलाया। कार्यालय में जैसे ही आरोपी ने 15 हजार रुपये रिश्वत की राशि ली, एसीबी बिलासपुर की टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया और रकम बरामद कर ली।
एसीबी के अनुसार आरोपी के विरुद्ध लगातार रिश्वतखोरी की सूचनाएं मुखबिरों के माध्यम से भी मिल रही थीं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विभाग का लोकसेवक यदि रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तत्काल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दें।

