दुर्ग के सत्ती चौरा पर गोबर के कंडों से बनी 7 फीट की होलिका जली 🟧 जड़ी-बूटी, लौंग-इलाईची से क्षेत्र को किया पवित्र और सुगंधित

दुर्ग के सत्ती चौरा पर गोबर के कंडों से बनी 7 फीट की होलिका जली 🟧 जड़ी-बूटी, लौंग-इलाईची से क्षेत्र को किया पवित्र और सुगंधित



भिलाई नगर, 26 मार्च। दुर्ग शहर के सत्ती चौरा में गोबर के कण्डों, कपूर, लौंग, इलायची एवं सुगंधित धूप से होलिका दहन किया गया।
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी दुर्ग के सत्ती चौरा गंजपारा में होलिका दहन पर अपनी ऐतिहासिक परम्परा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी सिर्फ गोबर के कंडों से होलिका दहन किया गया। होली के दिन लोग होलिका में लकड़ियों के साथ कई अन्य चीजें भी डाल देते हैं जिससे प्रदूषण फैलता है। लकड़ियां भी अलग अलग तरह की होती है जिसका धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में सत्तीचौरा, दुर्ग शहर में अनूठी पहल के तहत गोबर के कण्डो, कपूर, लौंग, इलायची एवं सुगंधित धूप से होलिका दहन किया गया।
आयोजक प्रमुख योगेन्द्र शर्मा बंटी एवं राहुल ने बताया कि सत्ती चौरा दुर्ग में विगत 10 वर्षों से इसी तरह होलिका दहन किया जा रहा है। इस वर्ष गौठान, गौशाला एवं डेयरी से लगभग 4000 नग गोबर के कंडे, 8 किलो कपूर, 500 ग्राम लौंग, 500 ग्राम इलायची एवं सुगंधित धूप, गुड़ एवं नीम के पत्तों से होलिका दहन किया गया। इस वर्ष पूरे शहर में घूम घूमकर होलिका दहन समिति के आयोजकों से गोबर के कंडों की होलिका दहन करने की अपील की गई। समित्ति की अपील के चलते इस वर्ष शहर के लगभग 5 से 7 स्थानों पर सिर्फ गोबर के कंडों की होली जलाई गयी। समिति की अपील से शहर के गौठान एवं गौशाला में कंडों की बिक्री हुई जिससे गौ माता के चारे की व्यवस्था होगी, शहर में लगभग 10 हजार से ज्यादा कंडे बिके हैं। सत्तीचौरा में प्रातः 8 बजे होलिका दहन स्थल पर सबसे पहले गोबर का लेपन किया गया फिर महिलाओं द्वारा होलिका दहन स्थल पर पूजा अर्चना की गयी। उसके पश्चात आयोजक समिति के लोगों ने मिलकर अलग-अलग स्थानों से मालगाड़ी में जाकर गोबर के कंडे एकत्रित किये और होलिका दहन स्थल पर लाकर जमाये। लगभग 7 फीट ऊंची एवं 10 फीट चौड़ी होलिका जमाई गयी। वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल किया गया। होलिका दहन में होलिका माता एवं भक्त प्रहलाद की मूर्ति भी रखी गयी, जोकि पूरे शहर की सबसे आकर्षित होलिका बना। जिसे देखने पूरे शहर के सैकड़ों लोग सत्तीचौरा आए।
गौरतलब हो कि सत्ती चौरावासियों द्वारा विगत 100 से अधिक वर्षों से होलिका दहन किया जा रहा है जिसमें प्रतिवर्ष सभी गंजपारावासी उपस्थित होते हैं। इस वर्ष पंडित सुनील पांडेय द्वारा मंत्रोच्चार के साथ होलिका पूजन कराया गया और सभी महिला एवं पुरुष एक साथ मिलकर होलिका दहन स्थल पर पूजा अर्चना किए। लोगों ने परिवार के सदस्यों के साथ पूजा थाल लेकर ढोल से आरती की। आरती के पश्चात पंडित ने पुष्पाञ्जलि कराई, फिर सभी ने एक दूसरे से गले मिलकर होली के पावन पर्व की बधाई दी। गंजपारा के इस आयोजन की एक विशेषता यह भी है कि होलिका दहन में मुस्लिम समाज के युवा भी सहयोग एवं मेहनत किए। होलिका दहन में बड़ी संख्या में सत्तीचौरा गंजपारा वासी महिला-पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे।