🔴गरीबों के आवास की राशि में ₹79 लाख का गबन
सीजी न्यूज ऑनलाइन, 06 जुलाई 2026। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इंदिरा आवास योजना की राशि के गबन के चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी गौरव शुक्ला के खिलाफ लगभग 3000 पृष्ठों का अभियोग पत्र (चार्जशीट) विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय, कोरबा में पेश किया है।
गरीबों की आवास राशि में ₹79 लाख का गबन
जांच में सामने आया कि आरोपी ने इंदिरा आवास योजना के हितग्राहियों के खातों से करीब 79 लाख रुपये की राशि फर्जी तरीके से अपने खातों में ट्रांसफर कर गबन कर लिया। यह राशि वर्ष 2010-11 में विभिन्न ग्रामीण हितग्राहियों के लिए जारी हुई थी, जिसे वर्ष 2017 में धोखाधड़ी से निकाल लिया गया।
कियोस्क संचालक ने ऐसे रची करोड़ों की साजिश
आरोपी गौरव शुक्ला बैंक ऑफ इंडिया, कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक था। उसने बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग कर निष्क्रिय खातों को सक्रिय किया और हितग्राहियों के आधार नंबर हटाकर अपने, अपने पिता, माता, पत्नी और पुत्र के आधार नंबर लिंक कर दिए। इसके बाद AEPS (आधार आधारित भुगतान प्रणाली) के जरिए रकम अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा।
फिनेकल सिस्टम की खामियों का उठाया फायदा
जांच में पता चला कि आरोपी ने वर्ष 2017 में बैंक के Finacle सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों का लाभ उठाया। बिना उचित सत्यापन के आधार सीडिंग और ऑटो लॉगआउट जैसी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव उसके लिए गबन का माध्यम बन गया।
426 खातों में की गई फर्जी आधार सीडिंग
विवेचना में सामने आया कि आरोपी ने 9 बैंक स्टाफ यूजर आईडी का दुरुपयोग करते हुए 426 खातों में 620 बार आधार सीडिंग की। अधिकांश मामलों में बिना आधार दस्तावेजों के सत्यापन के ही प्रविष्टियां दर्ज की गईं।
इन धाराओं में पेश हुआ अभियोग पत्र
आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 421, 409, 120(बी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) एवं 13(1)(ए) के तहत अभियोग पत्र विशेष न्यायालय कोरबा में प्रस्तुत किया गया है।

