दुकानदार के परिचित कंपनी का हवाला देकर 6 नग लैपटॉप की खरीदी की, कीमत करीब साढ़े 3 लाख का नहीं किया भुगतान, 1 सप्ताह बाद हुई रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने किया जुर्म दर्ज

दुकानदार के परिचित कंपनी का हवाला देकर 6 नग लैपटॉप की खरीदी की, कीमत करीब साढ़े 3 लाख का नहीं किया भुगतान, 1 सप्ताह बाद हुई रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने किया जुर्म दर्ज


दुकानदार के परिचित कंपनी का हवाला देकर 6 नग लैपटॉप की खरीदी की, कीमत करीब साढ़े 3 लाख का नहीं किया भुगतान, 1 सप्ताह बाद हुई रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने किया जुर्म दर्ज

दुर्ग 21 नवंबर । मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी का हवाला देकर दुर्ग के एक कंप्यूटर शॉप से 6 नग लैपटॉप की खरीदी कर करीब 3 लाख 34 हजार रुपए का भुगतान नहीं किए जाने के मामले का खुलासा हुआ है। दुकानदार से की गई इस ठगी की रिपोर्ट किए जाने पर दुर्ग कोतवाली पुलिस के द्वारा ठगी का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

दुर्ग कोतवाली पुलिस ने बताया कि प्रार्थी शंकर लाल साहबानी पिता  किशोर साहबानी उम्र 43 साल निवासी एचआईजी 12 हुडको में रहता है। शंकर लाल की इंदिरा मार्केट सागर काम्पलेक्स में ओडीसी के नाम से कम्प्युटर दुकान है, जहां सभी कम्पनी के लैपटाप एवं डेक्सटाप कम्प्युटर का विक्रय करता है। शंकर लाल का मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के साथ लेनदेन का कारोबार चलता है। फोन से मनोज राजपूत या उनके मैनेजर दीपक मारकण्डेय के द्वारा आर्डर करने पर कम्प्युटर तथा लैपटाप उनके द्वारा कर्मचारी के माध्यम से भेज दिया जाता है । 12 नवंबर को बजे शंकरलाल के मोबाईल नं. 9303910402 में मोबाइल नं. 7209768340 का फोन आया और उसने फोन में अपना नाम दीपक माकण्डेय तथा मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी में काम करना बताया। उन्होंने फोन पर 6 नग डेल एवं आसुस कम्पनी का लैपटाप आर्डर किया और बोला कि आप लैपटाप तैयार करके रखो मेरा आदमी आ रहा है। उसके बाद करीब 01:54 बजे एक व्यक्ति आया जिन्होंने बताया कि  मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी से दीपक भैया लैपटाप लेने भेजे है। तब  6 नग लैपटाप किमती 3,34,000 रुपए. को मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के नाम से बिल बनाकर उस व्यक्ति को दे दिया। उन्होंने 6 नग लैपटाप एवं बिल को ई-रिक्शा से लेकर चला गया। दूसरे दिन 13 नवंबर को उस व्यक्ति के बताये अनुसार चेक लेने के लिए शंकरलाल ने कर्मचरी घनश्याम को मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी भेजा है।  दीपक मारकण्डेय ने घनश्याम से कहा कि लैपटाप के लिए कोई आर्डर नही दिया है , और न ही हमारे कम्पनी में कोई लैपटाप आया है। तब उक्त संबंध में घनश्याम के द्वारा फोन करके बताने पर जानकारी हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मनोज राजपूत लेआऊट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के नाम पर फोन से आर्डर कर छल कपट धोखाधड़ी कर उक्त 6 नग लैपटाप कीमती 3,34,000.00/- रूपये को बेईमानी पूर्वक ठगी कर ले गया है। शंकर लाल साहबानी की रिपोर्ट पर से अज्ञात आरोपी के खिलाफ दुर्ग कोतवाली पुलिस के द्वारा 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।