वैक्सीन कितनी कारगर है नए वेरिएंट "ओमिक्राॅन" पर, क्यों सहम गए हैं लोग? अहम् सवालों के पढि़ए जवाब, क्योंकि जानकारी है जरूरी

वैक्सीन कितनी कारगर है नए वेरिएंट "ओमिक्राॅन" पर, क्यों सहम गए हैं लोग? अहम् सवालों के पढि़ए जवाब, क्योंकि जानकारी है जरूरी


वैक्सीन कितनी कारगर है नए वेरिएंट “ओमिक्राॅन” पर, क्यों सहम गए हैं लोग? अहम् सवालों के पढि़ए जवाब, क्योंकि जानकारी है जरूरी

सीजीन्यूज आनलाईन डेस्क, 29 नवंबर। दक्षिण अफ्रीका में पहले संक्रमण के कम मामले सामने आ रहे थे लेकिन ओमीक्राॅन की उत्पत्ति के बाद दो सप्ताह के दौरान नए मामलों में तेज वृद्धि देखी गई है और अब भारत में मथुरा में तीन सहित कुल पांच संदिग्ध विदेश से आए लोगों के पाजीटिव आने से ओमिक्राॅन की दहशत हो गई है।  

डब्लयूएचओ के अनुसार अभी तक यह साफ नहीं है कि डेल्टा समेत अन्य की तुलना में ओमिक्रॉन तेज और आसानी से फैलने वाला वेरिएंट है या नहीं। डब्लयूएचओ ने बताया है कि दक्षिण अफ्रीका में इस वेरिएंट से प्रभावित इलाकों में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है, हालांकि महामारी विज्ञान से जुड़ी कई स्टडीज के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कि बढ़ते मामलों का कारण ओमिक्रॉन है या कुछ और…?

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट बी. 1.1.529 के बारे में दक्षिण अफ्रीका ने 24 नवंबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया था। गंभीरता को देखते हुए डब्लयूएचओ ने दो दिन बाद ही इसे वेरिएंट ऑफ कंसर्न बता दिया, साथ ही कोरोना के इस नए स्वरूप का नाम ओमिक्रॉन रखा गया। एक्सपर्ट्स इस वेरिएंट में हो रहे कई म्यूटेशन के चलते चिंता जता रहे हैं। डब्लयूएचओ के मुताबिक ये म्यूटेशन वायरस के काम करने के तरीके में बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अभी भी पुख्ता जानकारी किसी के पास नहीं है। दुनिया भर के एक्सपर्ट्स इसके बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। अब जानते हैं इस नए वेरिएंट से जुड़े पांच आम सवालों के जवाब-

कितनी कारगर है वैक्सीन?

डब्लयूएचओ का कहना है कि गंभीर बीमारी और मौत के मामले में वैक्सीन अहम भूमिका निभाती रहेगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के पूर्व साइंटिस्ट डॉक्टर रमन गंगाखेड़कर का कहना है कि वैक्सीन सार्स-कोवी-2 के ज्यादा म्यूटेशन वाले नए वेरिएंट के खिलाफ केवल आंशिक रूप से सुरक्षा देंगे। एम्स के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन स्वरूप के स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में 30 से अधिक परिवर्तन मिले हैं जो इसे प्रतिरक्षा तंत्र से बचने की क्षमता विकसित करने में मदद कर सकता है और इसलिए इसके खिलाफ टीकों की प्रभावशीलता का मूल्याकंन गंभीरता से करने की जरूरत है।

डोज पर ओमिक्रॉन वेरिएंट भी लोगों को पहुंचाएगा अस्‍पताल? कितना खतरनाक है यह वेरिएंट?

डब्लयूएचओ के अनुसार अभी तक यह साफ नहीं है कि डेल्टा समेत अन्य की तुलना में ओमिक्रॉन तेज और आसानी से फैलने वाला वेरिएंट है या नहीं। डब्लयूएचओ ने बताया है कि दक्षिण अफ्रीका में इस वेरिएंट से प्रभावित इलाकों में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। हालांकि महामारी विज्ञान से जुड़ी कई स्टडीज के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि बढ़ते मामलों का कारण ओमिक्रॉन या कुछ और है।