पीडब्ल्यूडी दुर्ग के कांट्रेक्टर को समय से पहले करोड़पति बनने का लालच पड़ा महंगा

पीडब्ल्यूडी दुर्ग के कांट्रेक्टर को समय से पहले करोड़पति बनने का लालच पड़ा महंगा


🔴 कपिल शर्मा शो के दौरान मिले नंबर से 36 लाख की ठगी का हुआ शिकार

भिलाई नगर 28 जुलाई। पीडब्ल्यूडी दुर्ग के सिविल कांट्रेक्टर को जल्दबाजी में करोड़पति बनने का सपना देखना महंगा पड़ा। शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करीब 36 लख रुपए की ठगी का शिकार हो गया। भिलाई नगर पुलिस के द्वारा इस मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि आर रुपेश पिता स्व जी राजगोपालन 53 वर्ष क्वा नं 4 ए सडक नं 35 सेक्टर- 08 भिलाई नगर में रहता है।।छत्तीसगढ शासन में पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत सिविल कांट्रेक्टर है। 7 अप्रैल 2025 को समय 11.58 बजे आवेदक फेसबुक देख रहा था। फेस बुक पर कपिल शर्मा शो में एक अभिनेत्री इस Trade Finbridgecapitals.com के संबंध में जानकारी दे रही थी। जिसके अंतर्गत अपने साथ घटित घटना की जानकारी दे रही थी। तब रूपेश ने गूगल में उक्त उल्लेखित कंपनी के बारे में जानने की कोशिश की। तब 10 मिनट के अंदर क्वांटम राधिका के मोबा नं. से रुपेश के मोबाइल पर कंपनी के बारे में पूछताछ किया एवं कहा कि आप ट्रेडिंग करने के इच्छुक हूँ | जिस पर रुपेश द्वारा इच्छा जाहिर करने पर उसके द्वारा बताया गया कि यूएसडीटी पर ट्रेडिंग करते है। यदि प्रारंभ करना चाहते हैं तो 26000 रुपए की निवेश करके ट्रेडिंग व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं। रुपेश के द्वारा रकम 25704 रूपये एचडीएफसी बैंक के खाता से (मुकुल पाठक ) कंपनी Trade Finbridgecapitals.com ज्वाइन किया गया एवं कहा गया कि उक्त रकम में बढ़ोतरी होते रहेगी।रुपेश के द्वारा 7 अप्रैल 2025 से दिनांक 25 जुलाई 2025 तक कुल रकम 35 लाख 90 हजार 880 रूपये जमा करवा दिए गए थे।
रुपेश के द्वारा द्वारा जब राशि आहरण करने की बारी आयी तब उनके द्वारा कहा गया कि आप अपनी रकम आहरण कर सकते हैं। तब कंपनी के कर्मचारी क्वॉटम मयंक महेश्वरी फायनेसियिल एडवाइजर वेब साइड में डालने हेतु अपना बैंक विवरण प्रदान किया गया तब उनके द्वारा कहा गया कि आपको कमीशन देना होगा, अब रुपेश द्वारा कहा गया कि मेरा पैसा आपके पास जमा है किस चीज का कमीशन मांग रहे हो उसके पश्चात आवेदक द्वारा निजी सुत्रों से जानकारी चाही गई और विस्तृत विवरण की जानकारी लेने पर कंपनी के कर्मचारियों का धमकी भरा फोन आने लगा और आवेदक अपनी राशि आहरित नहीं कर पाया। इस तरह से आवेदक को आशंका हुई कि कंपनी के द्वारा आवेदक के साथ साइबर फ्रॉड कर लगभग रकम 35,90,880 रूपये हडप ली गई है। रूपेश की शिकायत पर से भिलाई नगर पुलिस के द्वारा 27 जुलाई को अपराध धारा 318(4) बीएनएस. का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।