जिस महाभियोग प्रस्ताव की वजह से धनखड़ ने छोड़ा पद वह राज्यसभा में स्वीकार नहीं; अब आगे क्या?

जिस महाभियोग प्रस्ताव की वजह से धनखड़ ने छोड़ा पद वह राज्यसभा में स्वीकार नहीं; अब आगे क्या?


सीजी न्यूज ऑनलाइन 25 जुलाई। राज्यसभा ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले पर सरकार लोकसभा में प्रस्ताव पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा है कि हमें किसी भी संदेह में नहीं रहना पिछले दिनों उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। माना जा रहा है कि उनके इस कदम के पीछे जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव को अनुमति देना था। अब सूत्रों ने NDTV को बताया है कि राज्यसभा ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा राज्यसभा के सभापति के रूप में स्वीकार किए गए विपक्ष समर्थित प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।

इस मामले पर सरकार अब लोकसभा में प्रस्ताव पेश करेगी। इस बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “हमें किसी भी संदेह में नहीं रहना चाहिए, जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही यानी महाभियोग लाने की प्रक्रिया लोकसभा में शुरू होगी।”

धनखड़ ने स्वीकार कर लिया था प्रस्ताव

संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन यानी सोमवार (21 जुलाई) को तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने विपक्षी सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था और राज्यसभा के महासचिव को उस पर आगे की कार्रवाई करने का आदेश दिया था। सरकार को उनका यह कदम पसंद नहीं आया था। दरअसल, सरकार जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग पहले लोकसभा में पेश करना चाहती थी, उसके बाद राज्यसभा में। लेकिन धनखड़ के उस कदम से सरकार की मंशा को धक्का लगा था।

अचानक छोड़ना पड़ गया था पद

इसके बाद सरकार और धनखड़ के बीच स्थितियां ऐसी बनीं कि जगदीप धनखड़ सोमवार की रात अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन जा पहुंचे और उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद से देश में कयासों का दौर शुरू हो गया। उन्हीं कड़ी में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को स्वीकार किया जाना जगदीप धनखड़ की विदाई का तात्कालिक कारण बना।

जस्टिस वर्मा पर क्या आरोप?

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा अपने आवास पर भारी मात्रा में नकदी मिलने के मामले में आरोपी हैं। होली की रात उनके दिल्ली स्थित आवास पर आग लग गई थी। इस दौरान जब फायरब्रिगेड के कर्मचारियों ने उनके स्टोर रूम का ताला तोड़ा और वहां आग बुझाने की कार्रवाई की तो वहां उन्हें भारी मात्रा में करोड़ों को अधजले नोट मिले थे। इस कांड के बाद से जस्टिस वर्मा विवादों और आरोपों के घेरे में हैं। CJI द्वारा गठित जांच समिति ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है लेकिन जस्टिस वर्मा ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया। लिहाजा अब उनके खिलाफ महाभियोग लाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।