नगरी निकाय चुनाव में भाजपा ने स्थानीय निर्वाचन पर लगाया गलत मतदाता सूची दिए जाने का आरोप , एडीएम को सौंपा शिकायत पत्र
भिलाई नगर 10 दिसंबर । भाजपा भिलाई अध्यक्ष विरेंद्र साहू ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन के द्वारा प्रदेश सरकार के दबाव में नगरी निकाय चुनाव के दौरान दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है जहां कांग्रेस को नई मतदाता सूची स्थानीय निर्वाचन द्वारा दी गई है इसके ठीक विपरीत भाजपा को पुरानी मतदाता सूची दी गई है ।
श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के भिलाई जिला के पदाधिकारी ने एडीएम से शिकायत की है। शिकायत में कहा गया है प्रदेश की भूपेश सरकार के दबाव में विपक्ष के साथ प्रशासन भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रहा है । जिसके तहत विपक्ष को पुरानी मतदाता सूची दी गई है । ताकि मतदाता भ्रमित हो भूपेश सरकार निकायों के चुनाव को छलपूर्वक जितना चाहती है । इसलिये भारतीय जनता पार्टी को विधानसभा चुनाव के समय तैयार की गयी पुरानी मतदाता सूची उपलब्ध करायी गयी है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी को पुरानी सूची दी गयी है। दूसरी तरफ कांग्रेस को अभी निकाय चुनाव के लिए तैयार की गई सही सूची दी गई है। प्रदेश की भ्रष्ट सरकार चुनाव पूर्व ही ऐसे छल कपट कर रही है । निकाय चुनाव पूरी पारदर्शिता के साथ होगा, असंभव सा लगता है। प्रशासन भी सरकार के दबाव में काम कर रहा है।आज इसकी शिकायत एडीएम पद्मिनी भोई से की गई तथा तत्काल सही मतदाता सूची की मांग की गयी।शिकायत करने वालो में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र साहू , जिला महामंत्री मार्कण्डेय तिवारी ,शंकरलाल देवांगन शामिल थे।
भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोप निराधार – वर्मा
जिला उप निर्वाचन अधिकारी खेमलाल वर्मा ने भारतीय जनता पार्टी जिला भिलाई द्वारा मतदाता सूची दिए जाने के संबंध में लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि 1 मार्च 2021 को नगरी निकाय चुनाव 2021 – 22 के लिए तैयार की गई निर्वाचक नामावली भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी भाकपा, माकपा एवं जोगी कांग्रेस सहित सात पार्टियों के सदस्यों को सौंपी गई थी । इस सूची में वार्ड वार एवं वार्ड के अंदर मतदान केंद्र के अनुसार सूची सौंपी गई है। इसी प्रकार विधानसभा मतदाता सूची के पुननिरीक्षण का कार्य प्रारंभ हुआ था। विधानसभा वार तैयार सूची भी 1 नवंबर 2021 को सभी 7 पार्टियों के सदस्यों को सौंपी गई थी। श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि दो अलग-अलग मतदाता सूची सभी सात पार्टी के पदाधिकारियों को उनके द्वारा सौंपी गई थी जिसकी पावती भी उनके पास है । विधानसभा मतदाता सूची एवं नगरी निकाय निर्वाचक मतदाता सूची दोनों अलग-अलग है इसलिए आरोप लगाने के पूर्व दोनों ही मतदाता सूची का अवलोकन किया जाना चाहिए। इसलिए भाजपा के द्वारा लगाए जा रहा आरोप निराधार है उनके द्वारा दोनों ही मतदाता सूची भाजपा पार्टी से पुरुषोत्तम देवांगन को सौंपी गई है।

