डा.शर्मा ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति डा.चन्द्राकर को भेंट कीं स्वरचित पुस्तकें

डा.शर्मा ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति डा.चन्द्राकर को भेंट कीं स्वरचित पुस्तकें


डा.शर्मा ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति डा.चन्द्राकर को भेंट कीं स्वरचित पुस्तकें

 भिलाई नगर 10 दिसंबर । इस्पात नगरी भिलाई के साहित्य-संस्कृतिविद् डा.महेशचन्द्र शर्मा ने इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में विशेष आमन्त्रित विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। इस बैठक में भी उन्होंने संस्कृत की बीए, एमए और रंगमंच सम्बन्धित बीपीए (बैचलर आफ़ पर्फार्मिंग आट्र्स)स्नातक प्रदर्शनात्मक कलायें  आदि के पाठ्यक्रमों के संशोधनों के लिए  महत्त्वपूर्ण सुझाव दिये। बैठक के पश्चात् शोधार्थियों से संवाद करते हुए डा.शर्मा ने संस्कृत के वेद-शास्त्रों और महाकाव्यों में वर्णित शिक्षाओं को  वर्तमान सन्दर्भों में भी विशेष उपयोगी बताया। 

 बैठक के बाद कला संगीत विश्वविद्यालय की कला-संगीत विदुषी कुलपति पद्मश्री डा.ममता मोक्षदा चन्द्राकर से भेंट कर अपनी स्वरचित कृतियां संस्कृति के चार सोपान, छत्तीसगढ़ में संस्कृत, धर्म और राजनीति, प्रेरणा प्रदीप, गागर में सागर, साहित्य और समाज तथा सटीक शुकनाशोपदेश आदि पुस्तकें भेंट की।  इस दौरान संस्कृत विभागाध्यक्षा डा.मृदुला शुक्ल एवं संस्कृत प्राध्यापिका डा. पूर्णिमा केलकर आदि भी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय की कुलपति ने इन कृतियों की मुक्तकण्ठ से सराहना करते हुए डा.शर्मा को धन्यवाद दिया है।