सीजी न्यूज ऑनलाइन 20 मई। बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने एनजेसीएस में एक दशक से अधिक समय से जमे नेताओं की सूची जारी करते हुए आरोप लगाया है कि लगभग 10 नेता 2016 के पहले से अभी तक एनजेसीएस में सदस्य है । फिर भी इतने बड़े बड़े नेताओं के रहते मैनेजमेंट मौज में है । वही कर्मचारियों के इतने मुद्दे अटके पड़े है कि कर्मचारियों के मुद्दो का संविधान जैसी मोटी किताब तैयार हो गई है।
278वीँ एनजेसीएस (मई 2016) तथा 294वीँ एनजेसीएस (जनवरी 2024) में शामिल कॉमन नेताओं की सुची
इंटक
1 .जी संजीवा रेड्डी
2 . बी. एन. चौबे
3 . हरिजित सिंह
4 . विकाश घटक
5 . सी एम पोढ़े
एटक
6 . डी आदिनारायण
एचएमएस
7 . संजय बढ़वाकर
8 .राजेंद्र सिंह
सीटू
9 . तपन सेन
बीएमएस
10 .
डी के पाण्डेय
यूनियन के अनुसार सभी नेता खुद को श्रमिक हितैषी बताते है परंतु आज तक पिछले एक दशक में इन नेताओ द्वारा कोई भी श्रमिक हितैषी का उल्लेखनिय योगदान नही है ।
एनजेसीएस नेताओं की असफलताओं की सूची
- वेज रीविजन एमओए नही होना ।
- 2% कम एमजीबी का एमओयु होना (13%)
- 8.5% कम पर्क्स का एमओयु होना (26.5%)
- एनजेसीएस के संविधान का उल्लंघन कर एमओयु लागु होना
- पर्क्स के एरियर में भेदभाव होना , अधिकारी वर्ग को अप्रैल 2020 से पर्क्स को प्रभावी करना , कर्मचारियों को नवम्बर 21 से प्रभावी करना ।
- 39 माह के फिटमेंट एरियर का भुगतान नही होना ।
- रात्री पाली , बोनस समझौता में कर्मचारियों को घाटा करवाना तथा एनजेसीएस संविधान का उल्लंघन करना ।
- कर्मचारियों को सम्मानजनक पदनाम नही दिलवाना ।
- इंसेंटीव रिवार्ड फॉर्मुला में संशोधन नही करवाना ।
- हाउस पर्क्युजीट, स्टैगेनेशन इंक्रीमेंट का लाभ नही दिलवाना ।
श्रमिक राजनीति में गैर श्रमिक नेता पदों पर
यह बहुत ही दुर्भाग्यपुर्ण है कि श्रमिक राजनीति में न तो श्रमिक शामिल है तथा न ही उनके मुद्दे ।
श्रमिक प्रतिनिधि के तौर पर बाहरी तथा गैर निर्वाचित नेता शामिल हो रहे है तथा श्रमिक मुद्दो का चयन और निर्णय का एजेंडा श्रमिक प्रतिनिधि की जगह प्रबंधन के लोग कर रहे है । स्पष्ट गाईडलाईन तथा नियमों के अभाव के कारण नेताओं की फौज रहते हुए भी प्रबंधन की मौज है ।
अमर सिंह , अध्यक्ष , बीएकेएस भिलाई ।

