Breaking : छत्तीसगढ़ में तीन लोक सेवक धरे गए रिश्वत लेते, एसीबी की कार्यवाही

Breaking : छत्तीसगढ़ में तीन लोक सेवक धरे गए  रिश्वत लेते, एसीबी की कार्यवाही


सीजी न्यूज ऑनलाइन 28 मार्च। छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो ने 03 अलग-अलग प्रकरण में लोकसेवक रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। तीनों ही मामलों में लोक सेवक अपने शक्तियों का दुरुपयोग कर पीड़ित पक्ष को परेशान कर रहे थे।

मंडल निरीक्षक सेवा बहाली के लिए रिश्वत लेते गिरफ्तार

प्रार्थी राजेंद्र जांगडे, ग्राम कुटराबोड़, जिला सक्ती द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि उसका बेटा अनुसूचित जाति बालक आश्रम कुटराबोड़ में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में चौकीदारी/ रसोइया का कार्य करता है। छात्रावास में लगे इलेक्ट्रिक बोर्ड को अज्ञात लोगों ने तोड़ दिया था। जिससे उसके बेटे को उसके पद से हटा दिया गया था, जिस पर प्रार्थी द्वारा आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ति के जैजैपुर कार्यालय में पदस्थ मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर से संपर्क करने पर पुनः सेवा में लेने के एवज में उसके 1.50 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत सत्यापन के दौरान 1 लाख रूपये में सहमति बनी और आरोपी द्वारा प्रथम किश्त के रूप में 50,000 रू. रिश्वत ले लिया गया था। आज ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपी मंडल निरीक्षक संदीप खांडेकर को बची हुई राशि 50,000 रू. रिश्वत लेते रंगे हाथो पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

सूरजपुर में पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

प्रार्थी राजेश कुमार सिंह, निवासी ग्राम गोविंदपुर, तहसील प्रतापपुर जिला-सूरजपुर द्वारा एसीबी कार्यालय अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि उसके द्वारा लगभग 13000 वर्गफूट जमीन खरीदने हेतु सौदा तय किया गया था। जिसकी जांच कर चौहदी बनाने हेतु पटवारी गोविंदपुर मोगेन्द्र प्रताप सिंह से मिलने पर उनके द्वारा 15,000 रू. रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत का सत्यापन पश्चात् एसीबी अंबिकापुर द्वारा ट्रेप आयोजित कर आज 15,000 रूपये रिश्वती रकम लेते हुये पटवारी मोगेन्द्र प्रताप सिंह को रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जा रही है।

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सूरजपुर में बाबू ने मुआवजा राशि के लिए मांगी थी रिश्वत

प्रार्थी शिवचरण कुमार, ग्राम पोड़ी, तहसील प्रतापपुर जिला सूरजपुर का निवासी है। उसके द्वारा एसीबी अंबिकापुर में शिकायत की गई थी कि उसके भाई की मृत्यु दंतैल हाथी के हमले में होने से शासन से मिलने वाले हाथी क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि 6 लाख रूपये प्राप्त करने के लिये उसके द्वारा वन विभाग प्रतापपुर में आवेदन करने पश्चात् मृतक के वारिसान के नाम प्रस्ताव हेतु वन विभाग द्वारा तहसील कार्यालय प्रतापपुर से जानकारी मांगी गई थी, जहां प्रार्थी के द्वारा संपर्क करने पर वहां पदस्थ बाबू बृजभान सिंह के द्वारा जानकारी भेजने के लिये 20,000 रूपये रिश्वत की मांग की गई। शिकायत सत्यापन के दौरान 10,000 रूपये में सहमति बनने के पश्चात् आज ट्रेप आयोजित कर बाबू बृजभान सिंह को 10,000 रूपये रिश्वती रकम लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जा रही है