इनकम टैक्स की सबसे बड़ी रेड, नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ी 3 दर्जन मशीनें

इनकम टैक्स की सबसे बड़ी रेड, नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ी 3 दर्जन मशीनें


सीजी न्यूज ऑनलाइन 12 मार्च। आयकर विभाग देश में धन के लेन देन पर नजर रखता है। कहीं भी टैक्स चोरी का शक होने या इनपुट मिलने पर आयकर विभाग इसकी जांच करता है। आयकर विभाग की जांच में कुछ भी गलत मिलता है तो विभाग रेड करता है और फिर आपने देखा ही होगा कि आयकर की रेड में किस तरह से पैसों के बक्से निकलते हैं। इनकम टैक्स की सबसे बड़ी रेड में तो तीन दर्जन मशीनें मंगवानी पड़ी थी।

आयकर विभाग की ओर से देश में अब तक की सबसे बड़ी इनकम टैक्स की रेड मारी गई है। आयकर विभाग की इस रेड में तीन दर्जन नोट गिनने की मशीनें मंगवानी पड़ी और नोटों को गिनने के लिए आयकर (income tax department) अधिकारियों को घंटों लग गए। इतना कैश निकला की आयकर विभाग के कर्मचारियों को वह लेकर जाना भी मुश्किल हो गया।

देश की सबसे बड़ी इनकम टैक्स रेड ओडिशा राज्य में डाली गई थी. यहां शराब बनाने वाली कंपनी बौध डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमेटेड के कई डिवीजनों पर आयकर अधिकारियों ने दबिश दी थी. 10 दिनों तक चली इस छापेमारी में 352 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे. इस रेड की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान स्कैनिंग व्हील वाली मशीन लगाई थी ताकि जमीन के नीचे दबे कीमती सामानों का पता लगाया जा सके. इनकम टैक्स विभाग की टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया था.

देश की सबसे बड़ी आयकर की रेड

आयकर विभाग (income tax department) समय समय पर रेड करता रहता है। आयकर विभाग का नाम सुनकर ही अच्छे-अच्छे पैसे वालों को पसीना आ जाता है। अकसर आपने भी देखा होगा कि छापेमारी करने पर बड़ी संख्या में पैसे और कीमती सामान बरामद किया जाता है। देश की सबसे बड़ी आयकर विभाग की रेड में भी इतना धन निकला कि आप जानकर हैरान रह जाएंगे।

इतने करोड़ रुपये किए बरामद

आयकर विभाग (income tax department) की सबसे बड़ी रेड में इतने करोड़ रुपये बरामद हुए कि तुम सोच भी नहीं सकोगे। इनकम टैक्स रेड करने वाले अधिकारियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 21 अगस्त को सम्मानित किया। इस टीम ने अब तक की सबसे बड़ी आईटी रेड (income tax raid) डालकर देश के राजस्व में काफी फायदा पहुंचाया। यह रेड कुछ समय पहले ओडिशा में एक डिस्टिलरी समूह के खिलाफ की थी, इसमें 352 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई थी।

अधिकारियों को किया सम्मानित

आयकर विभाग की यह रेड़ करने वाली टीम को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में आयकर (income tax) के 165 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में भुवनेश्वर में टीम को सम्मानित किया। इस रेड को आयकर विभाग के प्रमुख निदेशक एसके झा और अतिरिक्त निदेशक गुरप्रीत सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की थी।

दस दिन चली थी रेड

आयकर विभाग की यह रेड (income tax raid) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 2010 बैच के अधिकारी के नेतृत्व में 6 दिसंबर को ओडिशा स्थित एक डिस्टिलरी समूह के कई परिसरों में की गई। इसमें टीम को खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर टीम ने छापा मारकर कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का कैश बरादम किया, जिसको गिनने के लिए बैंकों से मशीनें मंगवानी पड़ी।

नोट गिनने के लिए मंगवाई तीन दर्जन मशीन

आयकर विभाग का ये अभियान 10 दिन चला था। इसमें 351.8 करोड़ रुपये की तो केवल नकदी बरामद की गई थी। यह अब तक की किसी भी ऐसी एजेंसी की अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है। इस कार्रवाई (income tax raid) के दौरान जमीन में धन होने के शक के आधार पर जमीन पर स्कैनिंग व्हील वाली मशीन लगाई। तीन दर्जन नोट गिनने वाली मशीनें भी मंगवाईं और भारी मात्रा में नकदी गिनने के लिए विभिन्न बैंकों और उनके कर्मचारियों को भी बुलाना पड़ा। यानी आयकर टीम के कर्मचारी भी कम पड़ गए।

4300000 करोड़ रुपये वसूलने पर नजर

आयकर विभाग देश में बकाया टैक्स की डिमांड करता रहता है। इसको लेकर आयकर विभाग बड़ी तैयारी कर रहा है। आयकर (income tax) विभाग की ओर से 5000 केसेज पर अधिकारियों को नजर रखने की बात कही है। इनसे 4300000 करोड़ की रिकवरी की जानी है।