पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे के खिलाफ कार्रवाई कर लौट रही ED टीम पर हमला

पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे के खिलाफ कार्रवाई कर लौट रही ED टीम पर हमला


🛑 घर से मिले 33 लाख रुपये कैश

सीजी न्यूज ऑनलाइन 10 मार्च। Attack on ED Team: छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के घर से रेड के बाद निकल रही ईडी टीम पर हमला कर दिया गया. टीम की गाड़ी पर बड़ा पत्थर फेंका गया, जिससे कार का कांच टूट गया.

Attack on ED Team: छत्तीसगढ़ के भिलाई में सोमवार (10 मार्च ) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमला हुआ है. रेड के बाद घर से बाहर निकलते हुए टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. अब इस मामले में ईडी केस दर्ज कराएगी.

यह हमला तब हुआ जब ईडी के अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर रेड करने के बाद वहां से बाहर निकल रहे थे. उसी समय घर के बाहर समर्थकों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था. तभी कुछ अज्ञात लोगों ने टीम पर हमला कर दिया.

ईडी टीम की गाड़ी पर हमला

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया है. टीम की गाड़ी के आगे और पीछे बड़े पत्थर फेंके जाने की बात सामने आई है. हालांकि, अभी तक घायलों की जानकारी नहीं मिली है.

भूपेश बघेल के बेटे के खिलाफ ईडी का एक्शन

जानकारी के लिए बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत उनके परिसरों पर छापे मारे. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई स्थित परिसरों, चैतन्य बघेल के कथित करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ ​​पप्पू बंसल और कुछ अन्य के परिसरों की भी धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत तलाशी ली गई.

चैतन्य बघेल अपने पिता के साथ भिलाई में रहते हैं, इसलिए उस परिसर पर भी रेड डाली गई. ईडी को संदेह है कि चैतन्य बघेल शराब घोटाले के अपराध से हुई आय के ‘प्राप्तकर्ता’ हैं. ऐसे में राज्य में करीब 14 परिसरों पर छापे मारे गए.

कांग्रेस नेताओं का विरोध प्रदर्शन

छापेमारी के तुरंत बाद, भिलाई में भूपेश बघेल के घर के बाहर कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता इकट्ठे हो गए और दावा किया कि यह केंद्र की साजिश है. ईडी ने पहले कहा था कि छत्तीसगढ़ शराब ‘घोटाले’ के कारण राज्य के राजस्व को भारी नुकसान हुआ और इस अपराध से प्राप्त 2,161 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेब में गई.