यूथ सिख सेवा समिति ने पेश की मानवता की मिसाल, अंतिम संस्कार की उठाई ज़िम्मेदारी

यूथ सिख सेवा समिति ने पेश की मानवता की मिसाल, अंतिम संस्कार की उठाई ज़िम्मेदारी


भिलाई नगर 5 मार्च । यूथ सिख सेवा समिति, भिलाई ने “मानव सेवा ही माधव सेवा” की कहावत को सच्चे अर्थों में चरितार्थ करते हुए समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की। समिति ने एक आर्थिक रूप से कमजोर सिख परिवार की मदद करते हुए, जहां परिवार के एकमात्र पालनकर्ता का निधन हो गया था, उनके अंतिम संस्कार की पूरी ज़िम्मेदारी उठाई।

यह सेवा केवल एक आर्थिक सहायता नहीं थी, बल्कि समिति द्वारा निभाई गई मानवीय जिम्मेदारी का भी प्रमाण थी। इस कार्य ने समाज में यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा निस्वार्थ भाव से की जाती है और ज़रूरतमंदों की सहायता करना ही वास्तविक मानवता है।

यूथ सिख सेवा समिति समय-समय पर ऐसे सामाजिक कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देती रही है और इस घटना ने उनके सेवा भाव को और भी अधिक मजबूती से स्थापित किया।

समिति के हेल्पलाइन नंबर पर कल कॉल आया कि वेंकटेश्वर टॉकीज के पीछे एक सिख परिवार में एक व्यक्ति की मृत्यु राधिका नगर में हुई है। शव को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत है। यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के द्वारा गाड़ी के माध्यम से मृत शरीर को उनके घर पहुंचाया गया । घर पर पत्नी , 4 वर्ष का बेटा और 13 वर्ष की बेटी जो कि किराए के घर पर रहते है। मृत्यु का कारण तबियत खराब होना बताया गया। इसकी जानकारी तुरंत यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के अध्यक्ष इंदरजीत सिंह और कोषाध्यक्ष मलकीत सिंह को दी गई। उन्होंने तुरंत परिवार की पूरी मदद करने के लिए कहा। उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने लंगर सेवा , गाड़ी की व्यवस्था की और कफ़न ,दफन का पूरा सामान यहां तक की मृत शरीर के लिए कुर्ता , पजामा , कसेरा और पगड़ी का कपड़ा समिति की तरफ से दिया गया। साथ ही साथ मुक्तिधाम तक की सभी सेवा यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के द्वारा की गई। अंतिम यात्रा के बाद सुपेला गुरुद्वारा साहिब में लंगर सेवा की गई। जो भी यूथ सिख सेवा समिति भिलाई के सहयोग से पूरी हो पाई ।