चेक बाउंस : आरोपी को एक वर्ष का कारावास,2 माह में 10 लाख देने दुर्ग कोर्ट का आदेश

चेक बाउंस : आरोपी को एक वर्ष का कारावास,2 माह में 10 लाख देने दुर्ग कोर्ट का आदेश


दुर्ग 10 फरवरी । चेक बाउंसिंग के प्रकरण में दुर्ग कोर्ट के द्वारा आरोपी को 1 वर्ष का कारावास एवं 10 लाख रुपए प्रतिकार की राशि लौटने का फैसला सुनाया है। मामला 4 वर्ष पूर्व का है। जिसमें परिवादी के द्वारा 6.90 लाख रुपए आरोपी को उधार दिए थे। राशि वापसी के लिए जो चेक आरोपी द्वारा दिया गया था। भुगतान हेतु बैंक में लगाने पर अनादरित हो गया था।


प्रकरण के मुताबिक आरोपी एस. नागेंद्र राव निवासी सेक्टर ने 16 जून 2021 को प्रार्थी सरोज चौबे को 6.90 लाख रुपए का चेक दिया। बैंक में भुनाने के लिए चेक दिया था। चेक जमा करने पर वह बाउंस हो गया। इस पर प्रार्थी ने 8 जुलाई 2021 को आरोपी को नोटिस भेजकर निश्चित अवधि के अंदर रकम भुगतान करने की मांग की। उसका जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट बिलासपुर के एक फैसले को आधार बनाते हुए कोर्ट में याचिका लगाई। प्रार्थी ने आरोपी पर आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से लेकर 2017 तक विभिन्न कारण बताकर आरोपी उससे उधार पैसे लेते रहा। घर में शादी होने पर उनसे पैसे की मांग की तो उनका रवैया बदल गया। बाद में उन्होंने यूको बैंक की सिविक सेंटर ब्रांच से 6.90 लाख रुपए का चेक दिया। इसे भुनाने के लिए जब अपने बैंक में चेक जमा किया तो पता चला कि आरोपी का खाता ब्लॉक है। कोर्ट में आरोपी ने लगाए गए आरोपों गलत होने की बात कही, लेकिन चेक देने और उसमें खुद के हस्ताक्षर होने की बात को गलत साबित नहीं कर पाया। इसके आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विवेक नेताम ने आरोपी को सजा सुनाई। मामले में प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता संगीता सिंह ने पैरवी की।