रायपुरमंत्रालय में नौकरी लगने के नाम पर 6 लाख की ठगी, आरोपी सिंह दंपत्ति गिरफ्तार

रायपुरमंत्रालय में नौकरी लगने के नाम पर 6 लाख की ठगी, आरोपी सिंह दंपत्ति गिरफ्तार


भिलाई नगर 6 फरवरी। रायपुर मंत्रालय में नौकरी लगने के नाम पर ₹6 लाख की धोखाधडी करने वाला फरार आरोपी सिंह दंपति को नेवई पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

नगर पुलिस अधीक्षक छावनी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि प्रार्थी प्रहलाद सिंह सिकरवार कि आरोपीगण अनिता सिंह इनके पति नरेन्द्र सिंह एवं इनके साथी गिरीश यादव और भूपेश कुमार सोनवानी के द्वारा प्रार्थी के बेटे नवीन सिंह को मंत्रालय रायुपर में सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 4, 25, 000 रू तथा बुद्धेश्वर को मंत्रालय में प्यून के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर 170,000 रू अलग अलग किस्तों एवं फोन के माध्यम प्राप्त किया है। नौकरी नही लगाने व रकम वापस मांग करने पर अनिता सिंह ने भुपेश कुमार सोनवानी का युनियन बैंक आफ इंडिया का चैक नवीन को 425000 रू तथा बुद्धेश्वर को 150000 रू का दिया जिसे लगाने पर बाउंस हो गया। इसके संबंध में बताने पर रकम आज कल देना कहते हुये घुमाते रहे। इस तरह आरोपीगणों द्वारा रकम लेकर नौकरी नहीं लगाया ना ही रकम को वापस कर आवेदकों के साथ धोखाधडी किये है। आरोपीगणों ने आवेदक के बेटे नवीन सिंह तथा बुद्धेश्वर को नौकरी लगाने के नाम पर छलपूर्वक धोखाधडी कर कुल 5,95,000 रूपये की ठगी करना अपराध धारा 420,34 भादवि का घटित होना पाये जाने से आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण के आरोपी गिरीश यादव और भूपेश कुमार सोनवानी को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है एवं अन्य आरोपी अनिता सिंह एवं नरेन्द्र सिंह ठाकुर घटना दिनांक से फरार थे। जिसकी पता तलाश की जा रही थी।
4 फरवरी को आरोपीगण अनिता सिंह एवं नरेन्द्र सिंह ठाकुर ब्लाक नंबर 08 बीएसयुपी कालोनी भाठागांव रायपुर थाना पुरानी बस्ती जिला रायपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ पर अपराध करना स्वीकार किया । श्रीमती अनिता सिंह उर्फ अन्नू पति नरेन्द्र सिंह ठाकुर उम्र 62 साल एवं नरेन्द्र सिंह ठाकुर पिता द्वारका सिंह ठाकुर उम्र 66 साल साकिन ब्लाक नंबर 08, बीएसयुपी कालोनी भाठागांव रायपुर थाना पुरानी बस्ती जिला रायपुर का कृत्य धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत गिरफ्तार कर ज्युडिशियल रिमांड पर भेजा गया। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक आनंद शुक्ला, सउनि रामचंन्द्र कंवर, आरक्षक लोकेश सलाम, लक्ष्मीनारायण यादव, परस मण्डावी, हेमंत नेताम म० आरक्षर दीप्ति चंद्राकर का विशेष योगदान रहा है।