🛑 हादसे के बाद जांच करने पहुंची सीटू सुरक्षा समिति
भिलाई नगर 1 फरवरी। बीएसपी के मर्चेंट मिल में सुरक्षा नियमों के खुलेआम उल्लंघन के कारण ठेका श्रमिक की जान जाने का आरोप सीटू की सुरक्षा समिति के द्वारा मौका मुआयना करने के बाद लगाया है। लोडिंग के दौरान सुरक्षा मानकों के लिए अनिवार्य रूप से लगाए जाने वाला उपकरण फेरुल नहीं था। जिसकी शिकायत पूर्व में की गई थी। उसके बावजूद मैनेजमेंट के द्वारा अनदेखी की गई।

एच.एस.ई.यू., भिलाई (सीटू) सुरक्षा समिति द्वारा जारी बयान में कहा है कि द्वितीय पाली में रात्रि लगभग 9:00 बजे मर्चेंट मिल के शिपिंग एरिया में लोडिंग के दौरान एक प्राण घातक दुर्घटना में ठेका कर्मी ओमप्रकाश की जान चली गई। हादसे के तत्काल बाद सीटू सुरक्षा समिति की एक टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच किया और पाया कि सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थी।

सीटू टीम को दिखी निम्न खामियां:-
👉 कार्यस्थल इतनी अव्यवस्थित थी कि घटना होने पर प्रभावित कर्मचारी के लिए आसानी से हटना संभव नहीं था।
👉 जिस सिलिंग से लोडिंग कार्य चल रहा था उसमें फेरुल नहीं लगा था।
👉 जिस वैगन पर एन्गल को लोड किया जा रहा था उसमें गार्ड नहीं लगा था।
👉 कार्यस्थल पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी। कई लाइट बंद पड़े थे।
👉 उच्च दक्षता वाले क्रेन ऑपरेट करने वाला कर्मी भी ठेका श्रमिक और हादसे का शिकार कर्मी ओमप्रकाश भी ठेका कर्मी था।
👉 शिकायत के बाद भी वहां के अधिकारी पुनः बिना फेरूल लगे सीलिंग से काम करवाना शुरू कर दिए।
👉 सीटू की टीम ने बढ़ती असुरक्षित कार्य को लेकर चर्चा हेतु कार्यपालक निदेशक (संकार्य) से समय भी मांगा था, किंतु उनके टीए ने यह कहकर टाल दिया की साहब आज विदाई समारोह में व्यस्त हैं।
सीटू ने सभी यूनियन नेताओं से एकजुट होकर इस घटना के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया है।

