दुर्ग नगर निगम में महापौर पद के लिए उम्मीदवार तय

दुर्ग नगर निगम में महापौर पद के लिए उम्मीदवार तय


🛑भाजपा की उम्मीद कुर्मी समाज से, कांग्रेस का साहू समाज पर भरोसा

सीजी न्यूज ऑनलाइन 27 जनवरी । दुर्ग नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। भाजपा ने कुर्मी समाज के प्रत्याशी को चुना है, जबकि कांग्रेस ने साहू समाज के उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।

यह चुनाव जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दुर्ग क्षेत्र में कुर्मी और साहू समुदाय का खासा प्रभाव है। दोनों पार्टियां क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश में जुटी हैं।

दुर्ग नगर निगम के महापौर पद के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।
भाजपा ने कुर्मी समाज से अल्का बाघमार को अपना महापौर प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने साहू समाज से प्रेमलता पोषण साहू को मैदान में उतारा है।
यह चुनाव जातिगत समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दुर्ग क्षेत्र में कुर्मी और साहू समुदाय का प्रभाव काफी मजबूत है। दोनों पार्टियां अपने सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश में जुटी हैं।

अल्का बाघमार भाजपा की नेता और अनुभवी कार्यकर्ता हैं। 52 वर्षीय अल्का बाघमार ग्रेजुएट हैं और उन्होंने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

राजनीतिक अनुभव

निवर्तमान पार्षद: दुर्ग नगर निगम के वार्ड 7 से पार्षद।
महिला मोर्चा दुर्ग की महामंत्री के रूप में भी कार्य किया।
वर्तमान में भाजपा दुर्ग जिले की उपाध्यक्ष हैं।
अल्का बाघमार को पार्टी ने महापौर प्रत्याशी के रूप में चुनकर स्पष्ट संदेश दिया है कि भाजपा, संगठन में सक्रिय और अनुभवी कार्यकर्ताओं को तरजीह दे रही है। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव और कुर्मी समाज से उनकी पहचान उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।

कांग्रेस ने दुर्ग नगर निगम के महापौर पद के लिए साहू समाज से प्रेमलता पोषण साहू को प्रत्याशी घोषित कर जातिगत समीकरण को साधने का प्रयास किया है।

कांग्रेस का साहू कार्ड:

प्रेमलता पोषण साहू को चुनकर कांग्रेस ने क्षेत्र में साहू समाज के प्रभाव को भुनाने की रणनीति बनाई है।
ओबीसी वर्ग से कई महिला नेताओं ने दावेदारी पेश की थी, लेकिन कांग्रेस ने साहू समाज को प्राथमिकता दी।
यह कदम साहू समुदाय के बड़े वोटबैंक को कांग्रेस के पक्ष में बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
दोनों पार्टियों के ये कदम आगामी चुनाव में सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए काफी अहम साबित हो सकते हैं।

प्रेमलता पोषण साहू कांग्रेस की सक्रिय और अनुभवी नेता हैं, जिनका राजनीतिक करियर लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ा हुआ है।

प्रेमलता का राजनीतिक अनुभव

वर्तमान में बोरसी वार्ड की पार्षद हैं।
उनके पति भूषण साहू भी कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं और पूर्व में दुर्ग में पार्षद रह चुके हैं।
साहू समाज में उनकी अच्छी पकड़ और सक्रिय राजनीति में लंबा अनुभव उनके महापौर प्रत्याशी बनने का प्रमुख कारण है।
कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाकर साहू समाज के बड़े वोटबैंक को साधने की रणनीति बनाई है। उनके राजनीतिक अनुभव और पारिवारिक पृष्ठभूमि को कांग्रेस का मजबूत पक्ष माना जा रहा है।

सांसद विजय बघेल की करीबी रिश्तेदार:


अल्का बाघमार दुर्ग सांसद विजय बघेल की रिश्तेदार हैं, और यह उनके चयन में एक अहम कारक रहा। विजय बघेल की सिफारिश और पसंद ने उन्हें मजबूत दावेदार बनाया।
अल्का बाघमार की दुर्ग नगर निगम क्षेत्र में एक सक्रिय और सशक्त नेता की छवि है। उनकी जमीनी पकड़ और जनसमर्थन ने भी उनकी दावेदारी को मजबूत किया।
भाजपा में कई अहम जिम्मेदारियां संभालने के बाद वे पार्टी के भीतर एक विश्वसनीय चेहरा हैं।


जातिगत और सामाजिक समीकरण:


कुर्मी समाज से आने वाली अल्का बाघमार का नाम भाजपा ने सोच-समझकर आगे बढ़ाया है, क्योंकि इस समाज का दुर्ग में अच्छा खासा प्रभाव है।
अल्का बाघमार और कांग्रेस प्रत्याशी प्रेमलता पोषण साहू के बीच यह मुकाबला जातिगत और सामाजिक समीकरणों के आधार पर काफी रोचक रहने वाला है।

प्रेमलता पोषण साहू कांग्रेस की ओर से महापौर पद की उम्मीदवार बनने में दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा की बड़ी भूमिका रही है।

अरुण वोरा की करीबी:
प्रेमलता साहू को कांग्रेस का टिकट दिलाने में पूर्व विधायक अरुण वोरा की सिफारिश ने अहम भूमिका निभाई। वह अरुण वोरा की करीबी मानी जाती हैं, और उनके चयन से यह साफ है कि यह अरुण वोरा की साख का भी सवाल है।

उनके पति भूषण साहू कांग्रेस के लंबे समय से सक्रिय नेता रहे हैं और पार्षद भी रह चुके हैं। यह राजनीतिक पृष्ठभूमि प्रेमलता के पक्ष में काम करती है।
साहू समाज से आने वाली प्रेमलता साहू को कांग्रेस ने जातिगत समीकरण साधने के लिए चुना है। इसके साथ ही उनकी बोरसी वार्ड की पार्षद के रूप में सक्रियता और समाज में उनकी पहचान भी उनके चयन की वजह रही। इस चुनाव में अरुण वोरा की साख सीधे तौर पर जुड़ी है, क्योंकि यह माना जा रहा है कि प्रेमलता साहू उनके समर्थन और रणनीतिक भूमिका की वजह से ही टिकट हासिल कर पाईं। कांग्रेस के लिए यह चुनाव न केवल जातिगत समीकरण बल्कि अरुण वोरा के राजनीतिक प्रभाव का भी परीक्षण होगा।

प्रेमलता और अल्का बाघमार के बीच यह मुकाबला न केवल जातिगत समीकरणों का है, बल्कि दोनों के पीछे खड़े नेताओं की राजनीतिक साख भी इसमें जुड़ी हुई है।

भाजपा ने सभी वार्डों में तय किए उम्मीदवार

भारतीय जनता पार्टी ने मेयर उम्मीदवार के कुछ घंटे बाद ही सभी वार्डों से पार्षद उम्मीदवारों के नामों की भी घोषणा कर दी है। भाजपा ने सभी 60 वार्डों में अपने उम्मीदवारों के नाम की लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस आज अपने पार्षद प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर सकती है।