इस्पात स्थायी संसदीय कमेटी की मीटिंग में गुँजा वेज रीविजन का मुद्दा

इस्पात स्थायी संसदीय कमेटी की मीटिंग में गुँजा वेज रीविजन का मुद्दा


🛑 बीएकेएस बोकारो, बीएकेएस भिलाई तथा आरएकेएस राउरकेला ने एक साथ कमेटी सदस्यो के संज्ञान में लाया मुद्दा

भिलाई नगर 22 जनवरी । इस्पात संसदीय कमेटी की मीटिंग के पहले , बीएकेएस बोकारो, भिलाई तथा आरएकेएस राउरकेला ने कमेटी के संसद सदस्यो के समक्ष सेल कर्मियों के कई मुद्दे को रखा । जिसकी गंभीरता को देखते हुए कई सदस्य , चतरा सांसद कालीचरण सिंह , लोहरदग्गा सांसद सुखदेव भगत , राज्य सभा सांसद , देवेंद्र प्रताप सिंह , राजसमंद सांसद श्रीमती रुप कुमारी चौधरी , कोरबा सांसद श्रीमती ज्योतसना महंत आदि ने सेल कर्मियों के वेज रीविजन पर हरसंभव कदम उठाने तथा मदद का आश्वासन दिया है ।

8 सालो से अधूरा वेज रीविजन को कमेटी चेयरमैन अनुराग ठाकुर के समक्ष भी लाया गया । किसी विशेष कारणो के कारण अनुराग ठाकुर दौरे पर नही आए तो उनके निजी सचिव ने तीनो यूनियनो के पत्र को इस्पात मंत्रालय तथा सेल प्रबंधन को भेज कर जवाब लेने का निर्देश दिया है । एक्टिंग चेयरमैन के रुप में राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा ने कमेटी की अध्यक्षता कर विभिन्न मुद्दो पर चर्चा किया ।
गौरतलब है कि सेल गैर कार्यपालक कर्मियों का वेज रीविजन एमओयू हुए 38 माह होने के बावजुद अभी तक एरियर तथा बाकि मुद्दे पर कोई निर्णय नही हो पाया है । जिसके कारण कर्मियों का लाखो रुपया का नुकसान प्रति वर्ष हो रहा है ।
जबकि दूसरे महारत्ना कंपनियों के तर्ज पर सेल गैर कार्यपालक कर्मियों का वेज रीविजन करने की अनुशंसा पुर्व मे ही इस्पात स्थायी संसदीय कमेटी द्वारा दिसम्बर 2014 में की गई थी । जिसको सरकार (इस्पात मंत्रालय ) ने मान भी लिया था । उसके बाद भी सेल गैर कार्यपालक कर्मियों के साथ भारी भेदभाव कर 15% एमजीबी के बदले मात्र 13 प्रतिशत एमजीबी , 35 प्रतिशत पर्क्स के बदले मात्र 26.5 प्रतिशत पर्क्स पर अवैध समझौता किया गया । साथ ही अधिकारी वर्ग को अप्रैल 2020 से पर्क्स के एरियर का भी भुगतान किया गया जबकि कर्मचारी वर्ग को सरकार के मंजुरी तिथि से भुगतान कर भारी भेदभाव किया गया ।

अभिषेक सिंह महासचिव, बीएकेएस ने कहा कि
बीएकेएस का जन्म शोषण और अत्याचार की पृष्ठभुमी पर हुआ है । कर्मचारियों का स्थांतरण, निलंबन , वेज रीविजन में भेदभाव , सुविधाओं मे भेदभाव ने सेल की सभी यूनिटो में कार्यरत कर्मचारियों के भीतर आक्रोश पनपाया ।
नवीन कुमार मिश्रा कोषाध्यक्ष बीएकेएस ने कहा कि
हम अपने अधिकार के लिए प्रत्येक फोरम पर जाने हेतु वचनबद्ध है ।
वेज रीविजन, बोनस, इंसेंटीव रिवार्ड, पदनाम तथा बाकि सुविधाओं पर सेल कर्मचारियों का उतना ही हक है , जितना सेल अधिकारियों का ।
मैनेजमेंट द्वारा निष्पक्ष व्यवहार नही करने के कारण ही हमारी यूनियन विधायिका, न्यायपालिका के दरवाजे पर दस्तक दे रही है ।