🛑 जमीन बेची सीमांकन में नहीं मिली, 5 साल बाद भी रुपए नहीं किया वापस, ब्रांच एवं कलेक्शन मैनेजर के खिलाफ अपराध दर्ज
भिलाई नगर 20 जनवरी। पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड रायपुर के द्वारा ई-ऑक्शन के माध्यम से 12 लाख 70 हजार रुपए में भूखंड विक्रय किया गया। परंतु सीमांकन में उक्त जमीन ही नहीं थी। जानकारी होने के बाद भी शाखा प्रबंधक द्वारा उक्त रकम महिला को वापस नहीं की गई। इस पर पीड़ित महिला के द्वारा वैशाली नगर थाने में शिकायत की गई शिकायत पर से पुलिस के द्वारा शाखा प्रबंधक एवं कलेक्शन प्रबंधक के खिलाफ 19 जनवरी की शाम को षडयंत्र पूर्वक धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया है।
वैशाली नगर पुलिस ने बताया कि प्रार्थी निधि आबेराय पति राम प्रकाश आबेराय उम्र 43 वर्ष निवासी मकान न0 433 पानी टंकी के पिछे मिलन चौक के पास न्यू खुर्सीपार द्वारा पी.एन.बी. हाउसिंग फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड रायपुर के शाखा प्रबंधक एवं ब्रांच कलेक्शन मैनेजर एवं अन्य के विरूद्ध कार्यवाही के लिए शिकायत पत्र जांच हेतु प्राप्त हुआ था। शिकायत जांच पर पी.एन.बी. हाउसिंग के शाखा प्रबंधक महेन्द्र वल्लुरी , ब्रांच कलेक्शन प्रबंधक विजय ठाकुर एवं अन्य के द्वारा वर्ष 2020 में निधि ओबेरॉय ने पी.एन.बी. हाउसिंग फायनेंस द्वारा निलामी मे ली गई जमीन खसरा न0 6420 पुराना खसरा नंबर 332/2 प.ह.न.14/19 शांति नगर कालोनी वार्ड न0 11 मौजा कोहका के जमीन को ई-ऑक्शन से ली गई उक्त भूखण्ड का आवेदिका के द्वारा ई-निलामी में 1270500/- रूपये (अक्षरी बारह लाख सत्तर हजार पांच रूपये ) यूको बैक के माध्यम से भुगतान किया गया दिनांक 05.10.2020 को पी.एन.बी. हाउसिंग द्वारा उक्त भूखण्ड का सेल्स सर्टिफिकेट (विक्रय प्रमाण पत्र) आवेदिका को दिया गया। उपरोक्त भूखण्ड का विधिवत सीमांकन दिनांक 16.10.2023 को पी.एन.बी. हाउसिंग फायनेंस लिमिटेड के ब्रांच कलेक्शन प्रबंधक विजय ठाकुर के द्वारा राजस्व निरीक्षक से सीमांकन कराया गया था।
राजस्व निरीक्षक सतपाल यादव के द्वारा मौके स्थान पर मुआयना, निरीक्षण एवं पंचनामा करने के पश्चात् उपरोक्त बताये गये खसरा नंबर (दर्शायी गई जमीन) स्थल पर नहीं होना बताया गया और सीमांकन प्रतिवेदन में यह भी दर्ज किया गया कि उक्त खसरा नंबर की भूमि नहीं है। पी. एन.बी. हाऊसिंग द्वारा दर्शायी गई भूखण्ड एवं मौका स्थल पर भूखण्ड में दोनों खसरा अलग-अलग है, तब संज्ञान हुआ कि पी.एन.बी.हांसिंग फायनेंस द्वारा हमें फर्जी जमीन बेचकर हमारे साथ जालसाझी की गई है। जिसमे ‘‘आवेदक (पी.एन.बी. हाउसिंग फायनेंस लिमिटेड) की आवेदित भूमि खसरा नंबर 6420/2 का मौका मिलान नही होता हैं आवेदक के द्वारा जो प्लांट अपना बताया जा रहा हैं वह खसरा नंबर 6148 (शासकीय भूमि रास्ता) के भाग मे आता हैं ‘‘ लेख किया हैं इसके बावजुद पी.एन.बी. हाउसिंग फायनेंस लिमिटेड निधि ओबेरॉय की ली गयी रकम वापस न कर निधी आबेराय के साथ छल एवं कपटपूर्वक धोखाधडी किया। अरोपी विजय ठाकुर एवं पी.एन.बी. हाउसिंग फायनेंस लिमिटेड के संबंधित कर्मचारियो के विरूद्ध अपराध धारा 420,120-बी भादवि का अपराध घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

