पीएससी में वर्ष 2018 से 2023 की सभी भर्ती रद्द करने की मांग

पीएससी में वर्ष 2018 से 2023 की सभी भर्ती रद्द करने की मांग


🛑 पूर्व सीएम पुत्री के चयन की भी जांच की मांग

सीजी न्यूज ऑनलाइन, 15 जनवरी। भाजपा प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने प्रदेश में कांग्रेस शासनकाल में तमाम भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल की पुत्री का सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) परीक्षा 2019 में चयन हुआ था, इसकी भी जांच कराने का आग्रह किया है।

छत्‍तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई जांच के बीच कांग्रेस सरकार में हुई सभी भर्ती को रद्द करने की मांग उठने लगी है। भाजपा के युवा नेता उज्‍जवल दीपक ने आज मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय से मुलाकात कर राज्‍य के युवाओं को न्‍याय दिलाने की मांग की।

उज्‍जवल दीपक ने कहा कि भाजपा के संकल्प पत्र “मोदी की गारंटी” के अनुसार PSC धांधली की CBI जांच चालू होने के बाद कई घोटालेबाजों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। कांग्रेस शासनकाल में राज्य के युवाओं को PSC / व्यापम के अधिकारियों द्वारा संगठित अपराध स्तर की कार्यप्रणाली के माध्यम से धोखा दिया गया है और सभी तथ्य यह संकेत दे रहे हैं कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों- राजनेताओं के बच्चों के चयन हेतु धांधली की गई है।

उन्‍होंने बताया कि आज मुख्‍यमंत्री से मुलाकात कर चार मांग की इनमें-

  1. राज्य में साल 2018 से 2023 तक समस्त परीक्षाओं एवं सरकारी भर्तियों की सीबीआई जांच हो.
  2. पीएससी 2021-2022 के परिणाम रद्द हों. समस्त नियुक्तियां रद्द की जाएँ।
  3. CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक, भ्रष्टाचार से चयनित अधिकारियों का नार्को परीक्षण।
  4. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पुत्री का सहायक प्राध्यापक – वाणिज्य (उ.शि.वि) परीक्षा -2019 में चयन की जांच.

उज्‍जवल दीपक ने कहा कि अभी जो सीबीआई जांच चल रही है, उसका दायरा बढाकर सभी परीक्षाओं और भर्तियों को इस जांच में शामिल किया जा सकता है। साल 2024 में आयोजित पीएससी परीक्षा की पारदर्शिता से युवा अभ्यर्थी आशान्वित हैं और आपके सुशासन से उनमें हर्ष व्याप्त है। इसी दिशा में आपसे सनम्र निवेदन है की लोक सेवा आयोग / व्यापम सहित समस्त सरकारी परीक्षाओं और भर्तियों की प्रतिष्ठा एवं गरिमा को आपके शासनकाल में पुनर्स्थापित किया जाए।