🛑 मुद्दा हल नही होने पर बीएकेएस दायर करेगा औद्दौगिक वाद
सीजी न्यूज ऑनलाइन 04 जनवरी 2025 । भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा यूनियनो के साथ संयुक्त मीटिंग बुलाया गया था। जिसमे बीएकेएस पदाधिकारियो ने यूनियन की तरफ से कई मुद्दो पर अपना पक्ष रखा ।
गौरतलब है कि भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन द्वारा हड़ताल में शामिल होने के आधार पर कई कर्मचारियों का कलस्टर प्रमोशन को रोक दिया गया था। जिसको लेकर बीएकेएस ने गुरुवार को महाप्रबंधक संकार्य मानव संसाधन विभाग के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
साथ ही क्षेत्रीय श्रम आयुक्त रायपुर से मिलकर , बीएसपी प्रबंधन द्वारा लागू की जा रही गलत नीतियों को संज्ञान में लाया था । जिस पर क्षेत्रीय श्रम आयुक्त ने आश्वासन दिया कि अगर बीएसपी प्रबंधन अपनी गलतियों को नही सुधारती है तो यूनियन औद्दोगिक वाद दायर करेगी तो कर्मचारियों को अवश्य न्याय प्राप्त होगा ।
उसी विवाद को सुलझाने के लिए शनिवार को रुल्स, आईआर तथा पर्सनल विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त मीटिंग में मैनेजमेंट ने यूनियन पदाधिकारियों को बताया कि अधिशासी निदेशक संकार्य के समक्ष मुद्दे को लाकर मंगलवार तक प्रबंधन का रुख स्पष्ट कर दिया जायेगा ।
यूनियन पदाधिकारियों ने कलस्टर प्रमोशन रोकना एक तरह से अनूचित श्रम व्यवहार बताया तथा जानबुझ कर कर्मचारियों को टारगेट करने के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अनूचित श्रम व्यवहार का मुकदमा दर्ज कराने का चेतावनी भी दिया । यूनियन पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि 28 अक्टूबर की हड़ताल को न तो श्रम विभाग ने तथा न ही किसी न्यायालय ने अवैध घोषित किया था । अतः उपरोक्त हड़ताल में शामिल कर्मियों को टारगेट करने तथा उनका पदोन्नति रोकने के विरुद्ध बीएकेएस हर उस फोरम पर जायेगी जहाँ कर्मचारियो को न्याय मिलेगा । साथ ही दोषी अधिकारियों के विरुद्ध अनफेयर लेबर प्रैक्टिस का मुकदमा भी दर्ज करेगी । प्रबंधन की तरफ से महाप्रबंधक जे एन ठाकुर , विकाश चंद्रा , तुषार राय चौधरी, शालीन चौरसिया आदि उपस्थित थे । यूनियन की तरफ से अध्यक्ष अमर सिंह , उपमहासचिव नवीन ध्रुव शामिल हुए ।
न्यायालय की शरण जाने बाध्य कर रहा मैनेजमेंट
अमर सिंह , अध्यक्ष , बीएकेएस भिलाई सेल तथा भिलाई इस्पात संयंत्र को कंपनी की पॉलिसी से संचालित करने की जगह ,कुछ अधिकारी , निजी पॉलिसी से संचालित कर रहे है । यूनियन इसके खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने हेतु बाध्य होगी ।

