*हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी चरोदा में घर में घुसकर ड्राइवर की हत्या, दूसरे कमरे में सो रहे पत्नी बच्चों को भनक तक नहीं, पुलिस पहुंची घटनास्थल*

*हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी चरोदा में घर में घुसकर ड्राइवर की हत्या, दूसरे कमरे में सो रहे पत्नी बच्चों को भनक तक नहीं, पुलिस पहुंची घटनास्थल*


हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी चरोदा में घर में घुसकर ड्राइवर की हत्या, दूसरे कमरे में सो रहे पत्नी बच्चों को भनक तक नहीं, पुलिस पहुंची घटनास्थल

भिलाई नगर 25 जनवरी । भिलाई 3 थाना क्षेत्र के अंतर्गत चरोदा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में घर में घुसकर युवक की हत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक पेशे से ड्राइवर था । सुबह तक कमरे का दरवाजा बंद रहने के कारण पत्नी ने अपने मायके वालों को फोन कर बुलाया। परिजनों ने पहुंचते ही रूम में दामाद के शव को खून से लथपथ  देखकर हतप्रभ रहेगा तत्काल इलाज के लिए लाल बहादुर शास्त्री ले दया गया परंतु रास्ते में ही सुनील ने दम तोड़ दिया रिपोर्ट पर से पुलिस के द्वारा घटनास्थल पहुंचकर विवेचना प्रारंभ की गई है । प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने मामला हत्या का बताया है।

उप पुलिस अधीक्षक विश्वास चंद्राकर ने बताया कि घटना मंगलवार कि सुबह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी चरोदा की है। सुनील शर्मा पिता नारायण शर्मा 35 वर्ष अपनी पत्नी एवं दो बच्चों के साथ ईडब्ल्यूएस मकान में रहता है । सोमवार की रात को सुनील शर्मा काम से लौटा था । पत्नी एवं दोनों ही बच्चियों के साथ रात में खाना खाने के पश्चात दो रुम के इस मकान में सामने वाले रूम में सो रहा था। जबकि अंदर के कमरे में पत्नी दोनों ही बच्चियों के साथ सो रही थी । सुबह पत्नी श्रीमती रानी शर्मा ने कमरे से बाहर निकलने का प्रयास किया। परंतु बाहर से दरवाजा बंद होने के कारण उसके द्वारा अपनी मां लक्ष्मी को जो समीप ही रहती है। मोबाइल पर चर्चा कर घर के दरवाजा बंद होने की वस्तु स्थिति से अवगत कराया। इस पर सुनील का ससुराल पक्ष घर पर पहुंचा तो बाहर ही रूम में सुनील खून से लथपथ अवस्था में  पड़ा हुआ था । परिजन किसी तरह उसे लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय सुपेला ले गए पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुनील की मौत हो गई। मृतक के सिर और कनपटी पर चोट के गंभीर निशान है। जब परिजन मृतक के घर पहुंचे तो घर का दरवाजा बाहर से बंद मिला था। वे कुंडी खोलकर घर के अंदर गए।चरोदा में घर में सो रहे ड्राइवर की हत्या, दूसरे कमरे में सो रहे पत्नी और बच्चों को भनक तक नहीं लगी।

दूसरे कमरे में सो रहे पत्नी और बच्चों को भनक तक नहीं लगी

 मृतक की पत्नी दो बच्चों में एक 10 वर्षीय एवं एक उस से छोटी बच्ची के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी। सुबह जब वो उठी तो उसके कमरे का दरवाजा भी बाहर से बंद था। बहुत देर तक आवाज लगाने के बाद भी जब रूम का दरवाजा नहीं खुला तो उसने पास में ही रहने वाले अपनी मां लक्ष्मी  को फोन किया। वे घर पहुंचे तो सुनील की हालत देखकर हैरान रह गए। पत्नी ने बताया कि रात में किसी तरह की आहट उसे सुनाई नहीं दी। किसने घर के दोनों कमरों का दरवाजा बाहर से बंद किया इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। फिलहाल मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के एंगल से मर्ग कायम कर इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।