स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के 7वें संस्करण का भिलाई प्रौद्योगिकी संस्थान BIT दुर्ग में शुभारंभ, पांच दिवसीय आयोजन में 194 स्टूडेंट्स दिखाएंगे अपना कौशल

स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के 7वें संस्करण का भिलाई प्रौद्योगिकी संस्थान BIT दुर्ग में शुभारंभ, पांच दिवसीय आयोजन में 194 स्टूडेंट्स दिखाएंगे अपना कौशल


दुर्ग 11 दिसंबर। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के 7वें संस्करण का वर्चुअल शुभारंभ आज सुबह केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया। शाम को द्वितीय सत्र में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा देशभर बच्चों के साथ सीधे संवाद किया गया। हैकाथॉन 51 संस्थानों में आयोजित है।

इसके तहत दुर्ग के भिलाई तकनीकी संस्थान बीआईटी दुर्ग में भी हैकथान का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें विभिन्न प्रदेश के तकनीकी महाविद्यालयों के करीब 194 बच्चे शामिल हुए हैं। ये बच्चें यहां हार्डवेयर संस्करण में नवाचार को लेकर काम करेगें। बीआईटी में हैकाथॉन का उद्घाटन नोडल अधिकारी अनिरुद्ध ठाकुर द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को नवाचार से संबंधित जानकारी देने के साथ ही उनका उत्साहवर्धन भी किया।

इस दौरान कॉलेज के प्राचार्य डॉ अरूण अरोरा भी मौजूद थे। उन्होंने चर्चा में बताया कि हार्डवेयर संस्करण को लेकर उनके कॉलेज में यह आयोजन तीसरी बार किया जा रहा है और इससे बच्चों में नवाचार की आदतों में इज़ाफा हो रहा है।
वहीं विभिन्न तकनीकी महाविद्यालयों से आए छात्रों ने भी अपने नवाचार के बारे में जानकारी साझा की। कार्यक्रम के नूडल अधिकारी पवन पटनायक ने बताया कि पांच दिवसीय आयोजन 15 दिसंबर को समाप्त होगा। इसके परिणाम 15 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में 29 टीमें ग्रैंड फिनाले में भाग लेंगी।

एआईसीटीई शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल के अंतर्गत स्टूडेंट इनोवेशन कैटेगरी की पाँच प्रमुख डोमेन में विजयी टीमों को सम्मानित किया जाएगा। ये डोमेन हैं, यात्रा और पर्यटन, स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स और ड्रोन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स और स्मार्ट वाहन। इस आयोजन में देश भर के विभिन्न राज्यों से चयनित 29 टीमें, जिनमें 127 छात्र एवं 67 छात्राएँ अपने डोमेन की समस्याओं का हल खोजेंगी। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन एक राष्ट्रीय पहल है जो छात्रों को हमारे दैनिक जीवन में आने वाली कुछ ज्वलंत समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करती है और इस प्रकार उत्पाद नवाचार और समस्या- समाधान की मानसिकता को प्रोत्साहित करती है। पिछले संस्करणों की तरह, छात्र टीम या तो मंत्रालयों, विभागों, उद्योगों द्वारा दिए गए समस्या बयानों पर काम करेंगी या 17 थीमों में से किसी के अंतर्गत ‘स्टूडेंट इनोवेशन कैटेगरी’ में अपना विचार प्रस्तुत करेंगी।