बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने एनजेसीएस यूनियनो एवं नेताओं की खोली पोल, सेल प्रबंधन के साथ साँठ-गाँठ का लगाया आरोप, कर्मियों को हो रहा लगातार नुकसान

बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने एनजेसीएस यूनियनो एवं नेताओं की खोली पोल, सेल प्रबंधन के साथ साँठ-गाँठ का लगाया आरोप, कर्मियों को हो रहा लगातार नुकसान


भिलाई नगर 02 दिसंबर । बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने एनजेसीएस यूनियनो तथा उसके नेताओं की नाकामी की पोल खोला कर रख दी है । सेल प्रबंधन के साथ साँठ-गाँठ कर कर्मचारियों को लगातार नुकसान करा रहे यूनियनो को आईना दिखाया गया है ।

एनजेसीएस यूनियनो तथा उसके नेताओं की नाकामी से नुकसान की सूची —
1 . समय पर वेज रीविजन नही करना — 2001 (1997) वेज रीविजन से प्रत्येक रीविजन को 4—8 साल लेट किया जा रहा है , जिसके कारण कर्मचारियो को कई नुकसान उठाना पड़ रहा है
(क) पर्क्स का एरियर — गैर निर्वाचित नेताओं का समुह वेज रीविजन समझौते पर सरकार के मंजुरी मिलने के दिन से पर्क्स में वृद्धि को प्रभावी करता है । जिसके कारण सेल NoN Ex को पर्क्स का एरियर का भुगतान नही किया जाता है , जबकि सेल के अधिकारी तथा बाकि पीएसयु के कर्मचारियों को पर्क्स का एरियर का भुगतान किया जाता है ।
(ख) वेज रीविजन लेट से ब्याज का नुकसान — समय पर वेज रीविजन नही करने से बढ़ा हुआ वेतन तथा एरियर नही दिया जाता है , जिसका ब्याज का फायदा मैनेजमेंट को होता है , तथा कर्मचारियों को नुकसान होता है ।

2 . मुद्दो का भरमार परंतु एनजेसीएस मीटिंग पुरे वर्ष में एक या दो ही आयोजित किया जाता है ।
292 वीं NJCS मीटिंग — 20—21 अक्टूबर 2021
293 वीं एनजेसीएस मीटिंग — 19 जुलाई 2022
294वीं एनजेसीएस मीटिंग — 20 जनवरी 2024

3 . फिटमेंट बेनिफिट का लाभ (MGB ) को दुसरे प्रमुख महारत्ना कंपनियो के तर्ज पर 15% नही करना
4 . पर्क्स प्रतिशत को 35% नही दिलाना
5 . 39 माह का फिटमेंट एरियर का भुगतान नही होना
6 . 58 माह का पर्क्स एरियर का भुगतान नही होना
7 . अधिकारियों के तर्ज पर हाउस पर्क्युजीट मद में 50% आयकर टैक्स का छुट नही दिलवाना ।
8 . ग्रेज्यूटी सीलिंग करवाकर , ग्र्जेयूटी को फिक्सड करवाने से प्रत्येक कर्मचारी 5 लाख से लेकर 12 लाख रुपया तक नुकसान करवाना ।


9 . अधिकारियों का पेंशन को 2007 से लागु करवाना तथा कर्मचारियों के पेंशन को 2012 से लागु करवाना ।
पेंशन अंशदान में भी भेदभाव करना । जनवरी 2012 से लेकर अक्टूबर 2021 तक अधिकारी वर्ग को 9% (लाभ में ) ,3% (घाटे मे) के बदले कर्मचारियो को क्रमशः 6% और 2% ही लाभ देना ।
10 . छुट्टियों में भारी भेदभाव करवाना ।

11 . वेतन समझौता विलम्ब के कारण हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई हेतु दो विशेष इंक्रिमेंट का भुगतान नही होना
12 . बंद नन सैचुअरिटी बेनिफिट जैसे आवास ऋण, वाहन ऋण को दुसरे महारत्ना कंपनियो के समतुल्य नही होना
13 . फेस्टीवल पेडवांश की राशी को एक महिने की डीए बेसिक का बराबर नही किया जाना
14 . कर्मियो के बच्चो को मिलने वाले स्कॉलरशीप को रिवाईज्ड नही किया जाना ।
15 . लैपटॉप एडवांश , फर्निचर एडवांश को शुरु नही किया जाना ।
16 . बच्चो की उच्च शिक्षा हेतु शिक्षा ऋण का प्रावधान नही होना ।
17 . सेल की जमीन पर संचालित होने वाले निजी विद्दालयो मे पढ़ने वाले कर्मियो के बच्चो का शुल्क केद्रिय विद्दालय द्वारा तय की गई दर नही होना अथवा केंद्र सरकार के तर्ज पर शिक्षा भत्ता का भुगतान नही होना ।
18 . ट्रेनिज कर्मचारियो को मैनेजमेंट ट्रेनिज के तर्ज पर प्रशिक्षण अवधी मे डीए बेसिक का भुगतान नही होना ।
19 . जिस तरह अधिकारी वर्ग को नियुक्ति तथा पदनाम मे नवरत्ना कंपनियो के मुकाबले एक ग्रेड का अतिरिक्त लाभ दिया गया है उसी तरह नवरत्न स्टील पीएसयु “आरआईएनएल” मे नियुक्ति ग्रेड तथा लागु पदनाम को सेल कर्मिर्यो हेतु एक ग्रेड अपग्रेड नही होना । सेल कर्मियो को महारत्ना स्टेटस का लाभ नही मिलना ।
20 . पर्क्स एरियर का पुर्ण भुगतान के बाद ही एलटीसी / एलएलटीसी राशी की कटौती पर रोक नही लगवाना ।
21 . औद्दोगिक विवाद अधिनियम 1947 का अध्याय 2 का तीसरा बिंदु जिसमे साफ लिखा है कि नियोजित कर्मकारो के प्रतिनिधियो की समिति के द्वारा ही मैनेजमेंट का बँटवारा होगा जबकि एनजेसीएस मे 25 मे से मात्र 5 प्रतिनिधि ही लोकतांत्रिक तरिके से निर्वाचित है वही 25 मे से 12 प्रतिनिधि बाहरी तथा सेवानिवृत व्यक्ति है ।
22 . इस्को, बीएसएल , एएसपी , डीएसपी , सीएफपी चंद्रपुर से बगैर सदस्यता वेरिफिकेशन या गुप्त मतदान प्रणाली द्वारा युनियन चयन नही होना । फिर भी अवैध व्यक्तियो को प्रतिनिधियो को रिकॉगनाईजेशन का लाभ देने पर रोक नही लगाना
23 . एचआरए को शुरु नही करना — कंपनी का लगभग सभी आवास/क्वाटर्र अपनी आयु पुरी कर चुका है । आवास और शहरी मंत्रालय की रिपोर्ट का अनुसार सिमेंट से बने आवासो की आयु 40 साल होती है । वही कंपनी का आवासो का लगातार अनुरक्षण भी नही होता है । वही कंपनी आवास का क्षेत्रफल /डिजाईन भी वर्तमान आधुनिक जरुरतो को पुरा करने हेतु पर्याप्त नही है ।
24 . होली, दिवाली, ईद, क्रिसमस , गुरुनानक जयंती, दुर्गापुजा , मई दिवस जैसे त्योहारो के दिन ड्युटी करने पर एक अतिरिक्त दिवस का वेतन भुगतान नही करवा पाना । सेल का कोलियरी मे यह सुविधा पहले से लागू है । उस दिन अधिकतर अधिकारी भी छुट्टी पर रहते है ।
25 . नीड बेस की जगह पर सभी कार्यरत कर्मचारियो को मोबाईल खरिदने तथा बात करने हेतु सीम या मोबाईल भत्ता (एक माह का इंटरनेट तथा कॉलिंग पैक) शूरु नही करवाना ।

नवीन मिश्रा , कोषाध्यक्ष , बीएकेएस भिलाई ने कहा है कि एनजेसीएस यूनियने तथा उसके नेता कर्मचारियों के लिए कार्य नही करते है। बल्कि सेल प्रबंधन को फायदा पहुँचाने के लिए कार्य करते है । कर्मचारियों के बगैर हल हुए मुद्दो की सूची , एनजेसीएस यूनियने तथा उसके नेताओं की विफलता कहानी बता रहे है ।