मैनेजमेंट और एनजेसीएस का गठबंधन कर्मचारियो के लिए है ठगबंधन…! कर्मचारी हित के 12 सवाल उठाकर बीएकेएस ने खोली दोनो की पोल

मैनेजमेंट और एनजेसीएस का गठबंधन कर्मचारियो के लिए है ठगबंधन…! कर्मचारी हित के 12 सवाल उठाकर बीएकेएस ने खोली दोनो की पोल


भिलाई नगर 27 नवंबर । बीएसपी अनाधिशासी कर्मचारी संघ ने अपने प्रेस रीलिज के माध्यम से सेल प्रबंधन तथा एनजेसीएस यूनियनों के दोहरे चरित्र को उजागर किया है । यूनियन ने बताया कि एनजेसीएस नेताओं तथा सेल प्रबंधन द्वारा सोची समझी योजना के तहत कर्मचारियों को धोखा दिया जा रहा है ।
गौर तलब है कि 21—22 अक्टूबर 2021 को वेज रीविजन का विवादास्पद एमओयू किया गया था । उसके बाद आज तक एमओए नही किया गया है । इस्पात मंत्री तथा सेल प्रबंधन द्वारा अलग अलग फोरम पर अलग अलग गुमराह करने वाला जवाब देकर कर्मचारियों को गुमराह किया गया तथा एनजेसीएस यूनियनो ने केवल दिखावटी प्रदर्शन कर कर्मियो के भरोसे को तोड़ा ।

बीएकेएस द्वारा इस्पात मंत्रालय तथा सेल प्रबंधन के नियत पर उठाया गया प्रश्न
1 एनजेसीएस संविधान में मौजुद “आम सहमती” की जगह बहुमत के आधार पर एमओयू कैसे लागु किया गया ?

2 . सेल अधिकारियों को किस नियम के आधार पर 15% एमजीबी दिया गया ? उसी आधार पर सेल कर्मियों को लाभ क्यो नही दिया गया ?

3 . सेल अधिकारियों को किस नियम के आधार पर 35 प्रतिशत पर्क्स का लाभ दिया गया ? क्या उसी आधार पर सेल कर्मचारियों को 35% पर्क्स का लाभ नही मिलना चाहिए ?

4 . अधिकारियों को लिए अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2021तक किस नियम से पर्क्स का एरियर दिया गया ? क्या सेल कर्मचारियों को पर्क्स का लाभ नही मिलना चाहिए ?

5 . महारत्ना कंपनी ओएनजीसी, इंडियन अॉयल, भारत पेट्रॉलियम, हिंदुस्तान पेट्रॉलियम, एनटीपीसी , पावरग्रीड, नवरत्ना कंपनी नालको, एनएमडीसी , सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स आदि में कार्यरत कर्मियों को किस आधार पर 15 प्रतिशत एमजीबी , 35 प्रतिशत पर्क्स तथा फिटमेंट और पर्क्स के एरियर का लाभ दिया गया ? सेल में सिर्फ अधिकारी वर्ग को किस आधार पर दोनो का एरियर का लाभ दिया गया है , कर्मचारियो को किस आधार पर नही दिया जा रहा है ?

6 . सेल गैर कार्यपालक कर्मियो के सर्विस कंडिशन वाले दिसम्बर 2014 के इस्पात संसदिय कमेटी की रिपोर्ट को वेज रीविजन मे क्यो नही लागु किया गया जबकि सरकार ने संसदिय कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था ?

7 . एनजेसीएस में बगैर सदस्यता सत्यापन के ही पाँच यूनियनो को तीन तीन सीट किस आधार पर दिया जा रहा है ?

8 . एनजेसीएस में जब सेल तथा आरआईएनएल के यूनिटो से रिकॉगनाईज्ड ट्रेड यूनियन लीडर जा रहे है तो पाँच यूनियनो को तीन तीन नॉमिनेटेड सीट किस कानून के तहत दिया जा रहा है ?

9 . सेल की बोकारो, दुर्गापुर, बर्नपुर, एएसपी , चंद्रपुर में बगैर सेक्रेट बैलेट इलेक्शन के ही एक खास यूनियन के खास नेताओ को रिकॉगनाईज्ड ट्रेड यूनियन तथा लीडर का लाभ क्यो दिया जा रहा है ?

10 . एनजेसीएस की मीटिंग सेल मैनेजमेंट की मर्जी से ही क्यो बुलाई जाती है , जबकि सेल के डायरेक्टर लोग प्रत्येक माह मीटिंग करते है ? एनजेसीएस मीटिंग का वार्षिक कैलेण्डर क्यो नही जारी किया जा रहा है?

11 . 90 कर्मचारियो वाले चंद्रपुर तथा 200 कर्मचारियों वाले वीआईएसएल को एनजेसीएस में प्रतिनिधित्व मिल सकता है तो 400—500 की संख्या वाले माईंस /कोलियरी तथा सीएमओ को स्थान क्यो नही दिया जा रहा है ?

12 . अवैध एमओयू में कही भी वेज रीविजन को ईफेक्ट करने वाली तिथि का जिक्र नही है , अर्थात नोशनली तथा एक्चुअल ईफेक्ट करने का जिक्र नही है, फिर भी इस्पात मंत्रालय ने कर्मियों के मामले मे जारी सर्कुलर में उपरोक्त शब्दो को किस आधार पर जोड़ा ?

बीएकेएस का एनजेसीएस यूनियनों के नियत पर उठाया गया प्रश्न

1 . सभी प्रमुख महारत्ना , नवरत्ना कंपनियों मे जब कर्मचारियो को 15% एमजीबी तथा 35% पर्क्स का लाभ दिया गया तो सेल में क्या मजबुरी थी कि 13% एमजीबी तथा 26.5% पर्क्स पर समझौता किया ? वही सेल अधिकारी वर्ग कैसे उपरोक्त लाभ ले लिए ?

2 . सभी महारत्ना तथा नवरत्ना पीएसयु में फिटमेंट के साथ साथ पर्क्स का एरियर का सम्पुर्ण भुगतान एक ही बार मे किया गया , लेकिन सेल में तभी तक क्यो नही हुआ है ?

3 . एनजेसीएस में 20 गैर निर्वाचित नेता किस हैसियत तथा श्रम कानून के आधार पर जाते है ?

4 . कर्मियों से दो दो बार हड़ताल , प्रदर्शन कराने के बाद रिजल्ट कहाँ है ?

5 . मैनेजमेंट के गलत नीतियों के खिलाफ कोर्ट जाने से परहेज क्यो ?

6 . एनजेसीएस के बड़े नेता सहित सभी नेता , खुले तौर सेल की यूनिटो में धरना प्रदर्शन , बड़ा आंदोलनो मे भाग क्यो नही लेते है ?

7 . कर्मियों पर सेल प्रबंधन द्वारा किए गए कारवाई के विरुद्ध , चेयरमैन, डायरेक्टर के विरुद्ध अनफेयर लेबर प्रैक्टिस का केस क्यो नही किया गया ?

हक पाने एक यूनिट एक यूनियन की परिकल्पना को करें सरकार

अभिषेक सिंह , महासचिव , बीएकेएस भिलाई ने कहा है कि सेल प्रबंधन को न तो सरकार का भय है न ही कर्मियो के आक्रोश का तथा न ही श्रम कानून का। ऐसा तब होता है जब कर्मचारी एकजूट नही होते है । अतः एक यूनिट एक यूनियन की परिकल्पना को साकार करने का समय आ गया है ।