कार में लदी अवैध शराब के फरार आरोपी को पकड़ने गर्भवती पत्नी और बहन को उठाया, रात भर कंट्रोल रूम में बिठाए रखा, विरोध बढ़ने पर कांग्रेसी पार्षद के आवेदन से छूटे
भिलाई नगर, 31 जनवरी। दुर्ग में आबकारी अमला जब शराब कोचिए को पकड़ने में नाकाम रहा तो फरार कोचिया को वापस लाने उसने शराब कोचिया की गर्भवती पत्नी और बहन को लाया और सारी रात थाना में बिठा कर रखा। गर्भवती महिला को बिना महिला पुलिस की देखरेख में थाने में बिठा कर रखने के सवाल पर पुलिस कर्मियों ने कहा कि आरोपी को पकड़ने के लिए यह कार्रवाई कत्तई गलत नहीं है, ऐसा किया जाता है। सारी रात थाना में बिठा कर रखने के बाद जब अगले दिन वार्ड पार्षद रामानंद मौर्य सुबह थाना पहुँचे और दोनों को छोड़ने कहा तो कल शाम पार्षद से लिखित आवेदन लेने के बाद आबकारी विभाग ने दोनों महिलाओं को छोड़ दिया है। अब यह मामला शहर में लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि यह सारा मामला आबकारी सिपाही को पीटने से शुरू हुआ। आबकारी उपनिरीक्षक स्वाति चौरसिया ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि सफेद रंग की विस्टा कार में मध्य प्रदेश निर्मित शराब की तस्करी की जा रही है। तब विभाग ने कार की निगरानी शुरू की। 29 जनवरी शनिवार रात करीब 12 बजे उन्हें सूचना मिली की वही कार रामनगर मुक्ति धाम में देखी गई है और उसमें शराब भी लदी हुई है। सूचना मिलते ही स्वाति चौरसिया अपनी टीम के साथ वहां पहुंची। कार से शराब तो बरामद हो गई लेकिन आरोपी फरार हो गया। आबकारी सिपाही जागेश्वर को मौके पर निगरानी के लिए खड़ा कर दिया। थोड़ी देर में आरोपी आदित्य मानिकपुरी अपने साथी विनय और एक अन्य के साथ वहां पहुंचा और सिपाही जागेश्वर के साथ मारपीट की फिर तीनों आरोपी वहां से भाग निकले। लोगों ने बताया कि कार आदित्य मानिकपुरी की है तो आबकारी की टीम उसके घर गई और उसकी 6 माह की गर्भवती पत्नी और बहन को उठाकर सेक्टर-1 स्थित आबकारी कंट्रोल रूम ले आई।
पार्षद रामानंद मौर्य ने बताया कि शराब कोचिया की पत्नी को पूरी रात और पूरा दिन भूखा-प्यासा यह जानते हुए भी रखा गया कि वह 6 माह के गर्भ से है। उससे यह भी कहा जा रहा था कि यदि उसका पति आदित्य सरेंडर नहीं करता तो उसके व उसकी ननद के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। इससे गर्भवती महिला मानसिक वेदना से भी गुजरती रही।
विदित हो कि आबकारी ने जो कार सीजी 07 एवी 2913 जब्त की है उसमें 8 पेटी मध्य प्रदेश निर्मित गोवा शराब लदी है। इसकी कुल कीमत 50 हजार रुपए से अधिक की बताई जा रही है। पार्षद ने कहा कि आबकारी अफसरों और पुलिसकर्मियों ने पहले तो बिना गिरफ्तारी दिखाए एक गर्भवती महिला और उसकी ननद को कंट्रोल रूम में रात भर बिठा कर रखा। जब इस बारे में आबकारी के सिपाही प्रह्लाद राजपूत से बात की गई तो वह कहने लगा कि आरोपी को पकड़ने के लिए ऐसा करना गलत नहीं है। उसने कहा कि आरोपी को सरेंडर कराने के लिए गर्भवती पत्नी या बहन ही नहीं वह पूरे परिवार को उठा सकते हैं।
इस मामले में कांग्रेस के पार्षद रामानंद मौर्य के विरोध बाद आबकारी की इस कार्रवाई पर लगातार दबाव बढ़ने लगा नतीजतन कल शाम पार्षद से आबकारी विभाग ने आवेदन लेकर कोचिया की पत्नी और बहन को छोड़ दिया है।

