साइबर ठगी का अनोखा मामला : फ्रॉड के लिए बना दिया फर्जी सुप्रीम कोर्ट, देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपति को डिजिटली अरेस्ट कर 7 करोड़ की ठगी, पूरी कहानी किसी हाई-स्टेक थ्रिलर की साजिश की तरह

साइबर ठगी का अनोखा मामला : फ्रॉड के लिए बना दिया फर्जी सुप्रीम कोर्ट, देश के सुप्रसिद्ध उद्योगपति को डिजिटली अरेस्ट कर 7 करोड़ की ठगी, पूरी कहानी किसी हाई-स्टेक थ्रिलर की साजिश की तरह


सीजी न्यूज ऑनलाइन 17 नवंबर । एक मशहूर 82 वर्षीय कपड़ा व्यापारी को फर्जी सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से जुड़े वर्चुअल घोटाले के जरिए 7 करोड़ रुपये ठगे गए थे। पंजाब पुलिस द्वारा बताया गया यह मामला भारत में ऑनलाइन धोखाधड़ी
की लगातार नये तकनीको पर विकसित हो रही कहानी में एक नया मोड़ है।
कपड़ा उद्योग में वैश्विक स्तर पर अपनी धाक रखने वाले वर्धमान समूह के अनुभवी चेयरमैन एसपी ओसवाल एक सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध चाल का शिकार हो गए थे।
दरअसल संघीय जांचकर्ता बनकर, जालसाजों ने उन पर फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए थे।

अपने धोखे के योजना के रूप में, उन्होंने एक फ़र्ज़ी ऑनलाइन कोर्ट रूम तैयार किया था, जिसमें ठगों मे से एक ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ के सीजेआई वाली भूमिका निभाई थी।

स्काइप पर की गई फर्जी सुनवाई के दौरान, ओसवाल को अपनी धनराशि को जांच में सहायता के लिए “गुप्त पर्यवेक्षण खाते” में स्थानांतरित के लिए मजबूर किया गया। फर्जी कोर्ट के फर्जी जज को ओसवाल समझ नहीं पाए। फर्जी सीजेआई ने ओसवाल को Select जेल भेज देने की बात कही। जिसके खौफ से ओस्वाल डर गए और ठगों के बताये अनुसार सात करोड़ की रकम फ़र्ज़ी कोर्ट के एकाउंट मे तत्काल जमा करने मजबूर हो गए।
यह घोटाला देश में अपने आप में अनोखा घोटाला है। जिसमें ठगों ने फर्जी वर्चुअल सुप्रीम कोर्ट और फ़र्ज़ी सीजेआई का इस्तेमाल कर देश के ख्यातिनाम व्यापारी से रकम सात करोड़ की वसूली कर ली। मामला पंजाब पुलिस के पास अनुसंधान में है।