अधिग्रहण घोषणा को बीता एक साल, चंदूलाल मेडिकल काॅलेज में फिर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
भिलाई नगर, 2 फरवरी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कचान्दुर के अधिग्रहण की घोषणा को आज एक वर्ष पूरे हो गए हैं और आज से ही मैडिकल कालेज में नौकरी देने की मांग को लेकर निकाले गए कर्मियों मे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
मेडिकल कालेज के समीप जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा मजदूर कार्यकर्ता समिति के बैनर तले हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कचान्दुर के अधिग्रहण के बाद कार्यरत कर्मचारियों के मन में सरकारी कर्मचारी होने की आशा जगी और 3 सितंबर को राजपत्र प्रकाशित कर वैधानिक अधिग्रहण की पुष्टि हुई लेकिन कार्यरत कर्मचारियों के संबंध में शासन द्वारा सहानुभूति पूर्वक विचार नहीं किया गया और उनके रोजगार संबंधी कोई आदेश जारी नहीं हुआ।

अधिग्रहण संबंधी राजपत्र के कंडिला 12 (1) में पूर्णतः कर्मचारी विरोधी मत दिया गया कि कर्मचारी किसी भी तरह शासन में बने रहने का दावा नहीं कर सकेंगे, यह पूरी तरह कर्मचारी विरोधी एवं अलोकतांत्रिक है। अधिकांश कर्मचारी महाविद्यालय में वर्ष 2013 से ही सेवारत रहे और अब उम्र अधिक होने की वजह से प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के योग्य नहीं रह गये हैं। यदि इनको इस महाविद्यालय में रोजगार नहीं दिया गया तो इनके सामने जीविकोपार्जन की विकराल समस्या खड़ी हो जाएगी। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि लगातार विगत 5 महिनों से तमाम जन प्रतिनिधियों के समक्ष वो अपनी बात पहुँचा रहे हैं। कई आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन भी किया परन्तु सरकार पुलिस प्रशासन को सामने कर इसे दबा देती है। मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल को सात से आठ बार आवेदन भी दिया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मुलाकात करने पर उन्होंने सिर्फ अपनी संवेदना व्यक्त कर दी। राज्यपाल तक गुहार लगाई गई तो उन्होंने विचार करने की बात कही थी लेकिन अभी तक किसी प्रकार की पहल कदमी दिखाई नहीं दे रही है। स्वास्थ्य सचिव आलोक शुक्ला से कालेज परिसर में मुलकात होने पर किसी प्रकार बात नहीं हुई इसलिए सभी कर्मचारियों ने 14 जनवरी से क्रमिक भूख हड़ताल की। नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर आंदोलन स्थगित कर दिया गया था, जो आज से पुनः प्रारंभ किया गया है।

