*अनैतिक एमओयू रद्द कर कर्मियों के हित में वेतन समझौता शीघ्र किया जाए, बीएसपी वर्कर्स यूनियन के कार्यकारणी की बैठक में रखी मांग*

*अनैतिक एमओयू रद्द कर कर्मियों के हित में वेतन समझौता शीघ्र किया जाए, बीएसपी वर्कर्स यूनियन के कार्यकारणी की बैठक में रखी मांग*


अनैतिक एमओयू रद्द कर कर्मियों के हित में वेतन समझौता शीघ्र किया जाए, बीएसपी वर्कर्स यूनियन के कार्यकारणी की बैठक में रखी मांग

भिलाई नगर 4 फरवरी । सभी सेल कर्मियों का 58 महीनों से लंबित वेतन समझौते के नाम पर 22 अक्टूबर को सेल मैनेजमेंट और एनजेसीएस युनियनों के बीच बीएसपी कर्मियों सहित सभी सेल कर्मियों के अहित में एक अपूर्ण एमओयू बना। इस एमओयू में हस्ताक्षर करने और ना करने वाली एनजेसीएस युनियनों ने एमओयू होने के 100 दिन बाद भी इस एमओयू को सेल कर्मियों के हित संशोधित कर अंतिम वेज एग्रीमेंट का रुप देने में कोई सार्थक प्रयास नहीं किया। सभी एनजेसीएस युनियनों ने एक-दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर समय व्यर्थ किया। सेल मैनेजमेंट ने भी जितनी तत्परता आफिसरों के वेज एग्रीमेंट के लिए दिखाई, उतनी ही उदासीनता कर्मियों के वेतन समझौते को फाइनल करने में दिखा रहा है।

बीएसपी वर्कर्स युनियन के अध्यक्ष श्री उज्जवल दत्ता ने कहा कि इस अनैतिक एमओयू से सभी बीएसपी कर्मियों को एमजीबी, वैरियेबल पर्क्स, एरियर के रुप में लाखों का नुकसान हुआ और मासिक वेतन में भी 5,000- 20,000 का नुकसान हो रहा है। इस एमओयू में पे-स्केल, एरियर, रात्रि भत्ता, एचआरए आदि मुद्दों को सब कमिटी में डालकर इनको लटकाने का पुरा प्रयास किया गया, जो कि एनजेसीएस की मुक सहमती से सफल होता भी दिख रहा है। इस एमओयू के बाद सेल मैनेजमेंट ने धीरे से 2014 से पहले सेल ज्वाइन करने वालों की ग्रेच्युटी भी सील कर दिया और सभी एनजेसीएस युनियन मुक दर्शक बने देखती रहीं। जिससे रिटायरमेंट के पश्चात बीएसपी कर्मियों को फिर लाखों की चपत लगेगी। 

एनजेसीएस कमिटी के पुनर्गठन की मांग*

एनजेसीएस कमिटी पुरी तरह से कर्मियों के हित के विरोध में हो चुकी है, जिसमें कर्मियों के वेतन, बोनस और सुविधाओं से संबंधित  लिए गए निर्णयों से कर्मियों को हानि ही हो रही है। इसीलिए इस एनजेसीएस कमिटी का पुनर्गठन आवश्यक है। इस कमिटी में आधे से ज्यादा रिटायर्ड लोग है, जिनको वर्तमान परिस्थितियों में बीएसपी कर्मियों को हो रही परेशानियों का पता नहीं है। बाकि बचे एनजेसीएस नेता, जो कि नियमित कर्मी है, उनकी एनजेसीएस मीटिंग्स में कोई बात नहीं सुनी जाती।

अतार्किक एमओयू में निम्नलिखित संशोधन कर सभी बीएसपी कर्मियों के हित में फाइनल वेज एग्रीमेंट किया जाना चाहिए

1. 13% एमजीबी  और 26 .5% वैरियेबल पर्क्स वाले एमओयू को रद्द कर बीएसपी सहित सभी सेल कर्मियों को अधिकारियों की तरह ही 15% एमजीबी और 35% वैरियेबल पर्क्स दिया जाना चाहिए।

2. सभी कर्मियों के पे स्केल को ओपन इंडेड किया जाये या फिर पे-स्केल को बढ़ाकर इतना कर दिया जाए कि सभी कर्मियों को वेतन तथा प्रोमोशनल इंक्रीमेंट के पुरे 3% का वास्तविक लाभ मिलें।

3. सभी कर्मियों को 39 महीनों का बकाया एरियर मिलें।

4. सब ब्लाक ईयर 2021-23 का एलटीए-एलटीसी वापस लेने के एवज में सभी कर्मियों को 1 अप्रैल 2021 से वैरियेबल पर्क्स का भी एरियर दिया जाए।

5. ग्रेच्युटी सीलिंग को स्वैच्छिक रखा जाए, जिससे वरिष्ठ कर्मियों को रिटायरमेंट के समय लाखों रुपयों की क्षति ना हो।

6. सभी कर्मियों का अधिकारियों की तरह ही एचआरए और छुट्टियों को बढ़ाया जाए।

7. रात्रि पाली भत्ता को कम से कम 300 रुपये बढ़ाने के साथ साथ ड्रेस भत्ता तथा मोबाइल भत्ता भी दिया जाना चाहिए।

8. आफिसरों की तरह ही कर्मियों को भी फर्निचर, लैपटॉप और मोबाइल एडवांस दिया जाना चाहिए।

9. आवास, बिजली, पानी, कैंटिन, बच्चों की शिक्षा आदि पर मिलने वाली सब्सिडी जारी रहनी चाहिए तथा सब्सिडी कटौती संबंधित आदेश वापस लेना चाहिए।

10. कम ब्याज दर पर आवास लोन, बच्चो की शिक्षा हेतु लोन तथा वाहन लोन की शुरुआत होनी चाहिए।

बी एस पी वर्कर्स यूनियन कार्यकारणी बैठक में यूनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता,महामंत्री खूबचंद वर्मा, उप महा सचिव

शिवबहादुर सिंह, दिल्केश्वर राव, नार्शिंग राव, जितेंद्र यादव, वरिष्ठ सचिव प्रदीप सिंह,आशीष श्रीवास्तव, लुमेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नोहर सिंह गजेंद्र,सुरेश सिंह, हेमंत अदील आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।