सुपेला के सब्जी व्यापारी से जमीन सौदे के नाम पर 25 लाख की ठगी, दो महिला सहित चार आरोपियों के खिलाफ दुर्ग कोतवाली थाने में अपराध दर्ज

सुपेला के सब्जी व्यापारी से जमीन सौदे के नाम पर 25 लाख की ठगी, दो महिला सहित चार आरोपियों के खिलाफ दुर्ग कोतवाली थाने में अपराध दर्ज


दुर्ग 31 अक्टूबर । आकाशगंगा सुपेला सब्जी मंडी के व्यापारी के साथ जमीन सौदे के नाम पर करीब 25 लख रुपए ठगी का मामला सामने आया है। दुर्ग कोतवाली पुलिस के द्वारा दो महिला सहित चार आरोपियों के खिलाफ ठगी का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।
दुर्ग कोतवाली पुलिस ने बताया कि रविन्दर सिंह आ. जन सिंह उम्र 36 वर्ष निवासी शप नं. 01 सुपेला सब्जी मंडी भिलाई में निवासरत हैं। सब्जी व्यवसाय के द्वारा डोरेलाल, गयाराम साहू, शकुन साहू, रेखा साहू से ग्राम-मुरमुंदा खसरा नं. 1, 39, 46, 49, 66 जो खसरा नं. 63 है, रकबा 05 एकड़ कुल सौदा 30,00,000/- रूपयें में विक्रय करनें का एक इकरारनामा और आम-मुख्तयार नामा 3 जुलाई 2019 को उक्त लोगों के द्वारा किया गया, परंतु उक्त लोगों के द्वारा ना तो सब्जी व्यवसाय को पैसें वापस दिये जा रहें थे, और ना ही उक्त भूमि की रजिस्ट्री किया जा रहा था, और अपनी निजी आवश्यकता बताकर उक्त भूमि की ऋण पुस्तिका वापस लें लियें और धोखा देने के नियत से लगभग 02 वर्षों से टाल-मटोल करते रहें, तब सब्जी व्यवसाय द्वारा 21 जनवरी 2021 को उक्त लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर. थाना सुपेला में दर्ज कराया गया. जिसका अपराध कमांक 49/2021 है, जिसमें थाना सुपेला के द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर जांच के उपरांत आरोपी सबूत पायें जानें पर उक्त आरोपीगणों के विरूद्ध न्यायालय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी दुर्ग में चालान प्रस्तुत किया गया आरोपीगणों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने का आदेश पारित किया गया जिसके बीच उक्त आरोपीगणों के परिवार वाले लेखचंद साहू आ.थान सिंह, ओमी राय आ.लेखचंद साहू निवासी साहू कृषि फार्म ग्राम मुरसुंदा तहसील धमधा, जिला-दुर्ग (छ.ग) द्वारा सब्जी व्यवसाय के समक्ष आकर उक्त आरोपीगणों का जमानत पर रिहा करायें जाने हेतु निवेदन किया गया तथा लेखचंद के द्वारा इस बात का पूर्ण रूप से विश्वास दिलाया गया, कि सऊदी की रकम 06 माह के भीतर वापस करवा दूंगा, जिसके लिये परिपेक्ष्य मे एक लिखित सहमति पत्र 27 जुलाई 2021 को रविंदर सिंह व लेखचंद साहू के मध्य स्थान न्यायालय परिसर दुर्ग में निष्पादित किया गया है, जिसमे लेखचंद साहू द्वारा इकरारनामा में उल्लेखित किया गया कि आरोपीगण जेल से निकलते ही यथास्थिति उक्त इकरारसुदा भूमि प्रथम पक्षकार को विक्रय 06 माह के भीतर कर देंगा। परंतु आरोपियों के द्वारा उक्त इकरारनामा का पालन नहीं किया गया। प्रार्थी की शिकायत पर से दुर्गा कोतवाली पुलिस के द्वारा आरोपियों के खिलाफ धारा 420 भादवि का पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना लिया गया