सीजी न्यूज ऑनलाइन 25 अक्टूबर । मुख्य श्रम आयुक्त के साथ आज दिल्ली में यूनियन एवं प्रबंधन की बैठक जारी है। यह मीटिंग किसी नतीजे पर अभी तक नहीं पहुंची है। परंतु सर्व समिति से निर्णय लेने की परिपाटी होते हुए भी कई बार बहुमत से लिए गए निर्णय को मुख्य श्रम आयुक्त ने अवैध ठहराया।
NJCS यूनियन के द्वारा बोनस एवं 39 महीने एरियर्स का भुगतान नहीं होने के कारण 28 अक्टूबर को हड़ताल का ऐलान किए जाने के बाद सेल प्रबंधन की परेशानियां बढ़ गई है। इसी कारण से आज दिल्ली में पहले मुख्य श्रम आयुक्त ने दोनों पक्षों के साथ संयुक्त रूप से चर्चा की। जिसमें काफी तर्क वितर्क हुआ। तत्पश्चात कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ उन्होंने अलग से बैठक की, जिसमें कर्मचारियों की ओर से कॉमरेड ललित मिश्र ने एनजेसीएस की स्थापना से लेकर अब तक चली आ रही सर्वसम्मति से निर्णय लेने की पूरी परिपाटी से अवगत कराया, जो एनजेसीएस के हर समझौता में उल्लेखित है। इस पर मुख्य श्रम आयुक्त ने कहा कि जब एनजेसीएस के हर समझौते में इस परिपाटी का उल्लेख है तो बहुमत के आधार पर किया गया समझौता अवैध है। इस पर सीटू नेता ने कहा कि हम जानते हैं यह अवैध है किंतु कर्मियों की एकता बनाए रखने के लिए हम लगातार यह कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह उद्योग के हित में कोई आम सहमति बने। सीटू नेता ने स्पष्ट बता दिया कि जब तक प्रबंधन 39 महीने का एरियर्स उन सभी कर्मियों को जो नौकरी में है तथा जो इस वेतन समझौता अवधि के दौरान सेवानिवृत हुए हैं, को भुगतान करने की तिथि की घोषणा , बोनस के लिए बनाए गए भ्रामक फार्मूला को बदलने तथा अन्य सभी मुद्दों का निश्चित समय अवधि के अंदर निराकरण करने, तथा ठेका कर्मियों के वेतन में वृद्धि का स्पष्ट रूप से लिखित आश्वासन Form H में नहीं देती तब तक हड़ताल वापस लेने पर विचार नहीं किया जा सकता है।अभी मुख्य श्रम आयुक्त प्रबंधन के साथ अलग से चर्चा कर रहे हैं। परंतु दो दौर की और की वार्ता के बाद भी हड़ताल बोनस और 39 माह के एरियर्स को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो सका है।
बोनस, हड़ताल एवं 39 माह के एरियर्स पर तीन दौर की वार्ता रही बेनतीजा, NJCS में अब तक बहुमत से लिए गए निर्णय को अवैध ठहराया मुख्य श्रम आयुक्त ने

