सीजी न्यूज ऑनलाइन, 17 अक्टूबर। महादेव सट्टा ऐप से जुड़े सुनील दम्मानी और नीतीश दीवान की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है। जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मालूम हो कि महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद उसे दुबई से भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है। चंद्राकर इस ऐप के सबसे बड़े हिस्सेदार हैं, जिनकी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई जाती है, जबकि उनके सहयोगी रवि उप्पल का इसमें 25 प्रतिशत हिस्सा है। इस मामले में शुभम सोनी, रायगढ़ के अनिल अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल और अन्य व्यवसायी भी शामिल हैं।
इस ऐप के साम्राज्य में हवाला के जरिए पैसे के लेन- देन, सट्टेबाजों को पैनल बांटने, और कई अन्य अनियमितताओं के चलते अब तक 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 70 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है।
महादेव सट्टा ऐप मामले में गिरफ्तार आरोपियों में सुनील दम्मानी, नितीश दीवान, अनिल दम्मानी, चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, भीम सिंह, अर्जुन यादव
सहित कई अन्य नाम शामिल हैं। इस एप के वित्तीय घोटालों और हवाला के जरिए विदेशी मुद्रा के गलत इस्तेमाल के चलते केंद्रीय जांच एजेंसियां इसमें शामिल हुई हैं।
अब तक इस मामले में 19 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी है।

