*शासकीय काम का ठेका लेने वाले कांट्रेक्टर से 3.1 लाख की धोखाधड़ी, जांच में लगी पुलिस*

*शासकीय काम का ठेका लेने वाले कांट्रेक्टर से 3.1 लाख की धोखाधड़ी, जांच में लगी पुलिस*


शासकीय काम का ठेका लेने वाले कांट्रेक्टर से 3.1 लाख की धोखाधड़ी, जांच में लगी पुलिस

भिलाई नगर, 12 फरवरी। सुंदर विहार निवासी शासकीय ठेका ले काम करवाने वाले ठेकेदार से 3 लाख 10 हजार रूपये की धोखाधड़ी हुई है। हाल ही में पीड़ित ने बीएसपी के सेक्टर-9 अस्पताल में छत के ऊपर एपीपी मेंम्ब्रेन लगाने का कार्य लिया था जिसके लिए सामग्री क्रय करने उसने एक कंपनी को आनलाईन अग्रिम भुगतान किया मगर बाद में पता लगा कि उस नाम की कंपनी वह सामग्री न तो सप्लाई करती है और मनी ट्रांसफ़र जिस एकाउंट को किया गया, वह कंपनी का है ही नहीं। रिपोर्ट पर जामुल पुलिस ने धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अभय शुक्ला (51 वर्ष) निवासी सुंदर विहार कालोनी मकान नं. 16 द्वारा शासकीय ठेका लेकर कार्य किया जाता है। सेक्टर-9 हास्पिटल में लिए काम हेतु सामग्री क्रय करने के लिए उसने सुपरवायजर योगेन्द्र साहू के द्वारा इंडियामार्ट में सर्च कर एक कंपनी मेसर्स लक्ष्मी इण्डस्ट्रीज सूरत के मालिक अमित शाहनी से संपर्क कराया था। अमित शाहनी ने रेट तय करने के बाद 6 लाख 30 हजार का प्रोफार्मा इनवायस जीएसटी सहित अभय को भेजा जिसमें लक्ष्मी इण्डस्ट्रीज सुरत का जीएसटी नंबर अभय ने सर्च किया तो वह जीवित मिला। अमित शाहनी के कंपनी के दो एकाउंट नंबर पर अभय ने 13 जनवरी को 75 हजार, 20 जनवरी को 1 लाख 85 हजार एवं 22 जनवरी को 50 हजार रूपये ट्रांसफ़र किए मगर सामान नहीं आया। अभय ने जब सूरत जब जाकर पता किया तो इस कंपनी में इस तरह का कोई भी व्यापार होना नहीं पाया गया और न ही प्रोफार्मा इनवायस में दिया गया था। दिया गया बैंक ऑफ बड़ौदा का खाता इच्छापुर सुरत नहीं बल्कि किसी संजय के नाम से बैंक आफ बड़ौदा आगरा विश्वविद्यालय ब्रांच उत्तर प्रदेश का है और इस खाता से बहुत उच्च राशि का आहरण पिछले दिनों हुआ और वर्तमान में उस खाता में मात्र 100 रूपये हैं। इस मामले में अभय के सुपरवाइज़र की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। फिलहाल जामुल पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है।