अवैध संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एसईसीएल को दिया आदेश

अवैध संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एसईसीएल को दिया आदेश


सीजी न्यूज ऑनलाइन 03 अक्टूबर। हाई कोर्ट ने एसईसीएल में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित एक मामले में अहम निर्णय सुनाते हुए कहा है कि भले ही याचिकाकर्ता मृतक सरकारी कर्मचारी की अवैध संतान हो, फिर भी वह अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र माना जाएगा। जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच ने एसईसीएल प्रबंधन को आदेश जारी किया है कि वे 45 दिनों के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करें।

याचिकाकर्ता विक्रांत कुमार लाल ने एसईसीएल के 2015 के आदेश को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। उनकी मां विमला कुर्रे ने अपने पुत्र के लिए एसईसीएल से रोजगार की मांग की थी। सुनवाई के बाद, कोर्ट ने कहा कि यह तथ्य स्वीकार किया गया है कि विक्रांत, मृतक मुनीराम कुर्रे का पुत्र है, और इस आधार पर उसे अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार दिया जाना चाहिए।

मुनीराम कुर्रे एसईसीएल में आर्म गार्ड के पद पर कार्यरत थे। उनका निधन 25 मार्च 2004 को हुआ था। उनकी मृत्यु के समय, ग्रेच्युटी फार्म में सुशीला कुर्रे का नाम था जबकि पेंशन फार्म में विमला कुर्रे का नाम दर्ज था। मुनीराम कुर्रे की दूसरी पत्नी विमला से उनके चार बेटियां और एक बेटा विक्रांत था। याचिकाकर्ता ने अपने पिता की सेवा के बाद उत्तराधिकार और अन्य लाभों की मांग को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याचिकाकर्ता ने उत्तराधिकार प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कोरबा के सिविल कोर्ट में आवेदन दिया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद ग्रेच्युटी और भविष्य निधि की राशि याचिकाकर्ता और उसके परिवार के पक्ष में देने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सुशीला कुर्रे ने आपत्ति जताई, लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इसके बा कोर्ट ने 2006 में विक्रांत और उसकी मां को मृतक का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था।